-चंदवारा ब्रिज के पास बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन,खनन पदाधिकारी ने दर्ज कराई प्राथमिकी
-10.69 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान
मुजफ्फरपुर। अहियापुर थाना क्षेत्र के चंदवारा ब्रिज (साइट-2) के समीप बड़े पैमाने पर लघु खनिज यानी मिट्टी के अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। जांच में करीब 14,256 घनमीटर मिट्टी का अवैध रूप से खनन कर बाजार में खपाए जाने की बात सामने आई है। इससे सरकार को करीब 10 लाख 69 हजार 200 रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। मामले में खनन पदाधिकारी ने अहियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
चंदवारा ब्रिज के समीप अवैध खनन की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उच्चस्तरीय संयुक्त जांच कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी में अपर समाहर्त्ता (राजस्व), डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर, क्षेत्रीय प्रदूषण पदाधिकारी के अलावा वैज्ञानिक-बी (आईआरओ, एमओईएफसीसी, रांची) और वैज्ञानिक-ई (क्षेत्रीय निदेशक, सीपीसीबी, आरडी कोलकाता) को शामिल किया गया था।
संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर भौतिक निरीक्षण और वैज्ञानिक तरीके से नापी की। इस दौरान मुशहरी अंचल में चंदवारा ब्रिज के पास करीब 99 मीटर लंबाई, 90 मीटर चौड़ाई और 1.6 मीटर गहराई तक मिट्टी की खुदाई किए जाने की पुष्टि हुई। नापी के आधार पर कुल 14,256 घनमीटर मिट्टी के अवैध उठाव का आकलन किया गया।

जांच के दौरान मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति या एजेंसी की ओर से मिट्टी खनन से संबंधित वैध पट्टा, चालान या पर्यावरणीय स्वीकृति के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। जांच में बिना अनुमति के पोक्लेन और जेसीबी मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई किए जाने की बात सामने आई।
मामले में जांच के दौरान करीब 10 लाख 69 हजार 200 रुपये के राजस्व नुकसान का आकलन किया गया है। आरोप है कि अवैध रूप से निकाली गई मिट्टी को बाजार में खपाया गया।
उच्चस्तरीय संयुक्त जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद खनन विभाग की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस अब अवैध खनन में शामिल लोगों और एजेंसियों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर खनन कितने समय से चल रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
अहियापुर थानाध्यक्ष शरत कुमार ने बताया कि खनन पदाधिकारी के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। घटनास्थल की जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।












