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गायघाट: जमूरे ने गांव की गलियों में घूम-घूमकर बताया खेतों में पराली जलाने के क्या-किस है नुकसान!

संवाददाता। मुजफ्फरपुर

 

“निकल न निकल घर से,निकल बहरवा हो, नाटक वाला आइल बाटे,तोहरो दुआरिया हो।।

नाटक मन का फाटक खोले
नाटक मन का फाटक।

आओ आओ नाटक देखें
आओ आओ

मुनिया के माई ललमुनिया के माई
आव सब नाटक देखल जाई
ए ललमुनिया के माई।”

गायघाट प्रखंड के सुस्ता पंचायत के साथ साथ शिवदाहा व रामनगर पंचायत में रबी मौसम में फसलों की उत्पादकता बढ़ाने को लेकर कृषि विभाग और कृषि प्रद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा ) के संयुक्त तत्वाधान में रबी किसान चौपाल कार्यक्रम के अंतर्गत “नुक्कड़ नाटक”
द स्ट्रग्लर्स,पटना
के कलाकारों द्वारा किया गया ।
मुख्य भूमिका में
लोक कलाकार सुनील कुमार ने मदारी के अभिनय से प्राकृतिक खेती,जैविक खेती,सूक्ष्म सिंचाई के बारे में जागरूक किया।
रबी किसान चौपाल में फसल गीत,किसान जागरूकता गीत के साथ साथ कठपुतली नृत्य का भी आनंद ग्रामवासी ने उठाया।बोल जमूरे बोल नुक्कड़ नाटक में पराली (पुआल) फसल अवशेष को जलाने से मना किया गया।

कृषि विभाग से जुड़े अधिकारी व कृषि वैज्ञानिक रबी मौसम में खेती, कृषि, उद्यान, भूमि संरक्षण व अन्य कृषि कार्य के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसान को बताया।
कार्यक्रम के तहत किसानों को तेलहन, दलहन, मक्का के साथ-साथ बागवानी, फसलों, गेहूं आदि के बीज पर अनुदान,मशीन पर सब्सिडी के बारे में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बताया गया
साथ ही जल प्रबंधन के माध्यम से कम से कम जल का प्रयोग करके बेहतर फसल उत्पाद प्राप्त करने के लिए
ड्रिप सिंचाई पद्धति, सिंचाई की आधुनिकतम पद्धति के बारे में कलाकार बताते हैं कि इस पद्धति के अन्तर्गत पानी पौधों की जड़ों में बूंद-बूंद करके जाता है। इस पद्धति में जल का अपव्यय नगण्य होता है।
ड्रिप सिंचाई पद्धति से 50 से 70 प्रतिशत जल की बचत एवं
30 से 40 प्रतिशत ऊर्जा की बचत होती हैं।
आठ सदस्यीय नुक्कड़ नाटक के दल गायघाट प्रखंड में पंचायत स्तर पर कर रहे हैं।
गऊआ में बोले लागल लोग होखे लागल गांव में चौपलवा,
देशवा के हम स्वर्ग बनाईब,करके मेहनत जोड़ हो,ड्रिप सिंचाई योजना अपनाईब, बढब विकास की ओर हो, ये वक्त की आवाज हैं मिल के चलो ,ये जिंदगी का राज हैं,मिल के चलो, सब दुःख भागल की आइल अगहनवा धनवा के लागल कटानिया हो रामा जैसे गीत सुनाई दे रहें हैं।
रबी किसान चौपाल में किसान सलाहकार ने किसान को पराली नही जलाने का आग्रह के साथ साथ जैविक खाद का प्रयोग के बारे में बताया। मौके पर किसान सलाहकार संजीव कुमार श्याम किशोर विनोद कुमार सुनील कुमार राजेश कुमार ब्रजकिशोर प्रसाद ओमप्रकाश कंचन दीपक कुमार प्रखंड तकनीकी प्रबंधक राजन झा कृषि समन्वयक आशुतोष कुमार इत्यादि उपस्थित थे।