-गया से देश को विकास और संकल्प का संदेश: प्रधानमंत्री मोदी ने 12,000 करोड़ की परियोजनाओं का किया शिलान्यास एवं उद्घाटन
दीपक कुमार तिवारी। गया (बिहार)।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक नगरी गया जी से विकास और राष्ट्र निर्माण का नया संदेश दिया। उन्होंने लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत वाली अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं में ऊर्जा, स्वास्थ्य, शहरी विकास, रेलवे, सड़क, जलापूर्ति और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों की पहलें शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने गया जी की भूमि को नमन करते हुए कहा कि यह धरती ज्ञान और मोक्ष की पावन भूमि है। भगवान बुद्ध को इसी गया जी की धरती पर ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। उन्होंने कहा कि गया की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत बेहद समृद्ध है और यहां के लोग इसे सम्मानपूर्वक “गया जी” कहने की परंपरा निभाते हैं।
श्री मोदी ने कहा कि इन परियोजनाओं से बिहार के युवाओं को रोजगार मिलेगा और राज्य की औद्योगिक क्षमता मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने के लिए मुजफ्फरपुर में अत्याधुनिक होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन किया गया है। वहीं, बक्सर थर्मल पावर प्लांट, औंटा-सिमरिया पुल और कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से बिहार की बिजली, सड़क और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में गरीबों और महिलाओं के जीवन को आसान बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि अब तक देशभर में 4 करोड़ पक्के घर बने हैं, जिनमें से अकेले बिहार में 38 लाख से अधिक घर बनाए गए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक हर गरीब को पक्का घर नहीं मिल जाता, यह अभियान जारी रहेगा।
कश्मीर के पहलगाम हमले का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार की धरती से लिया गया आतंकवाद खत्म करने का संकल्प आज साकार हो रहा है। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की रक्षा रणनीति में नई लकीर खींच दी है। आतंकवादी चाहे पाताल में छिप जाएं, भारत की मिसाइलें उन्हें वहीं खत्म कर देंगी।”

उन्होंने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि उनके शासनकाल में बिहार अंधेरे में डूबा रहा, लालटेन राज में लोग पलायन करने को मजबूर हुए। आज एनडीए सरकार बिहार को उद्योग, बिजली और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाई दे रही है। प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कानून लाने का भी संकल्प जताया, जो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों पर भी लागू होगा।
प्रधानमंत्री ने घुसपैठियों के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “हर घुसपैठिये को देश से बाहर निकाला जाएगा। बिहार के युवाओं के अधिकारों पर किसी को डाका डालने नहीं दिया जाएगा।” उन्होंने ‘डेमोग्राफी मिशन’ शुरू करने की भी घोषणा की।
इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
प्रमुख परियोजनाएं
औंटा-सिमरिया पुल: 1.86 किमी लंबा 6 लेन का पुल, 1870 करोड़ की लागत से निर्मित।
बक्सर थर्मल पावर प्लांट: 6880 करोड़ रुपये की लागत, बिहार की बिजली जरूरत पूरी करेगा।
होमी भाभा कैंसर अस्पताल, मुजफ्फरपुर: अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस।
राष्ट्रीय राजमार्ग-31 व अन्य सड़क परियोजनाएं: 1900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत।
नमामि गंगे परियोजना, मुंगेर: 520 करोड़ की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट।
प्रधानमंत्री आवास योजना: 16,000 से अधिक परिवारों को नए पक्के घर का लाभ।
रेल संपर्क: गया-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस और वैशाली-कोडरमा बौद्ध सर्किट ट्रेन का शुभारंभ।
गया जी से प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार का विकास उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आने वाले वर्षों में यह राज्य आत्मनिर्भर भारत की धुरी बनेगा।











