-गंडक में उफान, 4 लाख क्यूसेक के पार पहुंचा जलप्रवाह; 13 जिलों में अलर्ट
पटना/मुजफ्फरपुर। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब बिहार में गंडक नदी के रूप में दिखाई देने लगा है। नेपाल से भारी मात्रा में पानी आने के बाद वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज पर जलप्रवाह करीब 4 लाख क्यूसेक के पार पहुंच गया है। नदी के बढ़ते दबाव को देखते हुए बराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। इससे गंडक नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
नेपाल में नारायणी नदी भी उफान पर है। देवघाट गेजिंग स्टेशन पर नदी का जलस्तर 8.98 मीटर दर्ज किया गया है, जो 9 मीटर के खतरे के निशान के बेहद करीब है। रिपोर्ट के अनुसार, देवघाट से करीब 4.03 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसका असर बिहार में गंडक के जलस्तर पर पड़ने की आशंका है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने गंडक बेसिन से जुड़े 13 जिलों में अलर्ट जारी किया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने संबंधित जिलों के प्रशासन को तटबंधों की 24 घंटे निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव की तैयारी रखने का निर्देश दिया है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सारण समेत अन्य जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार, 25 सितंबर को गंडक बराज से 1.02 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। 26 सितंबर की सुबह 11 बजे यह बढ़कर 2.86 लाख क्यूसेक हो गया, जबकि अब प्रवाह 4 लाख क्यूसेक के पार पहुंच गया है। तटबंधों और स्लूइस गेटों पर निगरानी एवं गश्त बढ़ा दी गई है।
प्रशासन ने गंडक नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। लगातार बारिश और नेपाल से बढ़ते जलदबाव के बीच आने वाले घंटों में नदी के जलस्तर पर विशेष नजर रखी जा रही है।












