-जनजातीय महिला-बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और संरक्षण पर सेमिनार, डीएम ने किया उद्घाटन
मोतिहारी, राजन द्विवेदी। जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में जनजातीय महिला और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सेमिनार में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, नेतृत्व और संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने जनजातीय समाज की महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा के लिए जागरूकता को आवश्यक बताया। उन्होंने संबंधित विषयों के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
सदर अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरूचि स्मृति ने सिकल सेल एनीमिया जैसी आनुवंशिक बीमारियों की रोकथाम और उपचार की जानकारी दी। डॉ. अमृतांशु कुमार ने गर्भवती महिलाओं के पोषण पर चर्चा करते हुए बताया कि पहले मडुआ और कोदो जैसे अनाज का सेवन किया जाता था, जो कैल्शियम और आयरन की पूर्ति में सहायक होते हैं।

केंद्रीय विश्वविद्यालय की डॉ. मनीषा रानी और डॉ. श्याम नंदन ने कहा कि शिक्षा कई सामाजिक समस्याओं के समाधान का माध्यम है। उन्होंने कहा कि आभा कार्ड, आयुष्मान और छात्रवृत्ति जैसी सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव में लाभ अंतिम पायदान तक नहीं पहुंच पाता। उन्होंने प्रौढ़ शिक्षा को भी जरूरी बताया।
सेवानिवृत्त प्रो. मंजरी वर्मा ने स्थानीय भाषा के माध्यम से बाल विवाह, कुपोषण और अशिक्षा के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। पूर्व कुलपति प्रो. रविन्द्र वर्मा ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनजागरूकता फैलाने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में गोंड आदिवासी संघ, खरवार महासंघ और जीविका के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में जनजातीय महिलाएं उपस्थित रहीं।












