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क्यों बे’हाल है नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट? 6 महीना से फूटा है नल जल योजना का पाइप,बन्दरा के पीयर में सड़क पर बह रहा पानी!

-6 महीना से फूटा है नल जल योजना का पाइप,पीयर में सड़क पर बह रहा पानी

मुजफ्फरपुर ।दीपक कुमार तिवारी।

जिले के बन्दरा प्रखंड क्षेत्र में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ड्रीम प्रोजेक्ट नल जल योजना के काम धरातल पर कितना सुचारू है, इसकी कई बानगी देखने को मिलती है। कहीं स्थानीय अधिकारी लापरवाह नजर आते हैं,तो कहीं पंचायती राज के प्रतिनिधि। इन लोगों के गैरजिम्मेदाराना जवाब से स्थानीय ग्रामीण एवं प्रबुद्ध जन भी खुद को शर्मसार महसूस करने लगते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो नीतीश कुमार की ड्रीम प्रोजेक्ट नल जल योजना का ‘धरातल’ शर्मसार करता है। ताजा मामला प्रखंड के रामपुरदयाल पंचायत के पीयर गांव का है, जहां वार्ड संख्या एक में नलजल योजना के टावर स्थल से राजेंद्र प्रसाद ठाकुर के घर तक जाने वाली सड़क में जल जमाव की वजह से अक्सर लोग छोटी बड़ी घटनाओं के शिकार हो रहे हैं।


वरिष्ठ साहित्यकार,पूर्व शिक्षक तथा स्थानीय ग्रामीण ब्रह्मानंद ठाकुर बताते हैं कि पिछले 6 महीने से विद्युत ट्रांसफार्मर के पास नल जल योजना की पाइपलाइन में लीकेज शुरू है। पाइप फूटने की वजह से नल जल योजना का पानी सड़क पर बह रहा है। एक तो नल जल योजना का पानी सड़क पर बहकर बर्बाद हो रहा है,वहीं दूसरी ओर सड़क पर कीचड़युक्त जल जमाव की वजह से स्थानीय लोगों का परिचालन प्रभावित है। यहां अक्सर छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटना होने लगी है। खासकर छोटे-छोटे बच्चों का इस पथ से होकर आंगनबाड़ी केंद्र एवं स्कूल आदि जाना मुश्किल हो रहा है। कई बार बच्चे स्कूल और आंगनबाड़ी जा रहे बच्चे सड़क पर कीचड़ में गिरने की वजह से चोटिल होकर घर लौट गए हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने जब स्थानीय रामपुरदयाल के मुखिया ब्रजेश कुमार मोना से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि यह वार्ड सदस्य की जिम्मेदारी है। हम क्या कर सकते हैं।पंचायत सचिव ने अपनी विवशता जाहिर करते हुए कहा कि यह वार्ड सदस्य की जिम्मेवारी है।वहीं स्थानीय वार्ड सदस्य का कहना है कि यह अब पीएचईडी विभाग के जिम्मे है। ब्रह्मानंद ठाकुर बताते हैं कि हम परेशान ग्रामीणों को यह समझ में नहीं आ रही है कि आखिर इस छोटी सी समस्या को लेकर अपनी बात रखें तो रखें कहां? जनप्रतिनिधि अधिकारी को जिम्मेदार बता रहे हैं तो अधिकारी जनप्रतिनिधि को। मामले को लेकर पीएचईडी विभाग के जेई ने जवाब दिया कि फिलहाल नल जल योजना के मेंटेनेंस स्थानीय वार्ड सदस्य के जिम्मे है। नवंबर से पीएचईडी विभाग इस पर अमल करेगी। अभी नवंबर आना बाकी है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर बन्दरा प्रखंड विकास पदाधिकारी के सरकारी नंबर पर लगातार प्रयास के बावजूद उनसे बातचीत नहीं हो पा रही है। अब ऐसे में नल जल योजना के पाइपलाइन के लीकेज की खराबी को ठीक करने के लिए भी सीधा मुख्यमंत्री से जाकर शिकायत करना हर आम इंसान के लिए संभव नहीं है । और ऐसे में घर-घर नल से जल पहुंचाने का मुख्यमंत्री का यह ड्रीम प्रोजेक्ट भी धरातल पर उनके सिस्टम के अधिकारी एवं पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों की वजह से फ्लॉप साबित हो रहा है।