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किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म मामले में एक को दस वर्षो के सश्रम कारावास की सजा

चंपारण की खबर::
-किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म मामले में एक को दस वर्षो के सश्रम कारावास की सजा

मोतिहारी / राजन द्विवेदी।

षष्टम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह पोक्सो के विशेष न्यायाधीश श्रीराजाराम संतोष कुमार ने किशोरी को अपहरण कर दुर्षकर्म मामले में दोषी पाते हुए नामजद अभियुक्ता को दस वर्षो का सश्रम कारावास व चालिस हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाए। कहा अर्थदंड नहीं देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अर्थदंड की राशि वसुल पाये जाने पर पीड़िता को देय होगी। वहीं पीड़िता को पीड़ित घोषित करते हुए न्यायाधीश ने पीड़ित प्रतिकर अधिनियम के तहत तीन लाख रूपये मुआवजा देने का आदेश भी पारित किया। साथ ही पीड़ित प्रतिकर की मुआवजा राशि देने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार को निर्देशित कार्यालयीय पत्र भेजने का आदेश भी हुआ। सजा बंजरिया थाना के चिलवनिया निवासी प्रदीप श्रीवास्तव को हुई। मामले में पीड़िता के पिता ने बंजरिया थाना कांड संख्या- 850/2019 दर्ज कराया था। जिसमें कहा था कि 28 नवंबर 2019 की सुबह वे अपनी पत्नी के साथ छठ घाट पर गये थे। उसी समय नामजद अभियुक्त एक अन्य सहयोगी के साथ बाईक से आये और उसकी पुत्री का अपहरण कर ले तथा उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। प्रयास संस्था के प्रतिनिधियों के सहयोग से पुलिस ने उसकी पुत्री को बरामद किया था।

मामले में पोक्सो वाद संख्या-14/2020 विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक मणी कुमार ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष रखा। वहीं प्रयास संस्था के अधिवक्ता मो0 कैसर रेजा ने अभियोजन को साक्ष्य जुटाने में सहयोग किये। न्यायाधीश ने सुनवाई पूरी कर 28 जनवरी 2023 को ही अभियुक्त को धारा 363,376 भादवि एवं 4/10 पोक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए केंद्रीय कारागार मोतिहारी भेज दिया था। गुरूवार को सजा के विंदू पर सुनवाई कर उक्त सजा सुनाए।