-ऑपरेशन मुस्कान से लौटीं मुस्कानें, मुजफ्फरपुर पुलिस ने 120 खोए मोबाइल मालिकों को किए वापस
मुजफ्फरपुर। किसी के लिए मोबाइल सिर्फ एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं, बल्कि यादों, जरूरी दस्तावेजों और रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा होता है। ऐसे में जब खोया हुआ या चोरी हुआ मोबाइल वापस मिल जाए तो खुशी का ठिकाना नहीं रहता। मुजफ्फरपुर पुलिस ने अपने ऑपरेशन मुस्कान अभियान के तहत एक बार फिर 120 लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है।
अभियान के तहत पुलिस ने 120 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। बरामद किए गए मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 41 लाख रुपये बताई जा रही है। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों ने मुजफ्फरपुर पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल दोबारा मिल जाएगा।
मुजफ्फरपुर पुलिस लंबे समय से गुम और चोरी हुए मोबाइल सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बरामदगी के लिए ऑपरेशन मुस्कान चला रही है। पुलिस की तकनीकी टीम आधुनिक तकनीक की मदद से मोबाइल फोन को ट्रैक कर बरामद करने का लगातार प्रयास कर रही है। इसी अभियान का परिणाम है कि बड़ी संख्या में लोगों को उनका खोया सामान वापस मिल रहा है।

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अब तक पिछले सात महीनों में कुल 649 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब ढाई करोड़ रुपये आंकी गई है। बरामद किए गए सभी मोबाइल उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए गए हैं।
इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत इस वर्ष अब तक 649 लोगों के गुम या चोरी हुए मोबाइल बरामद कर वापस किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य लोगों की मेहनत की कमाई और उनकी जरूरी वस्तुओं को जल्द से जल्द उनके हाथों तक पहुंचाना है।
एसएसपी ने आम लोगों से अपील की कि यदि किसी का मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान खो जाता है या चोरी हो जाता है तो तुरंत संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही शिकायत की जानकारी संबंधित पोर्टल पर भी अपलोड करें, ताकि पुलिस तकनीकी माध्यमों से मोबाइल को ट्रैक कर शीघ्र बरामद कर सके।
ऑपरेशन मुस्कान के माध्यम से मुजफ्फरपुर पुलिस ने न सिर्फ लोगों का खोया सामान वापस दिलाया है, बल्कि आम नागरिकों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत किया है। यह अभियान इस बात का उदाहरण बन रहा है कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना भी पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।











