-एलएनएमयू चलो अभियान को लेकर मिथिला स्टूडेंट यूनियन की बैठक, छात्रावास और विश्वविद्यालय की उपेक्षा पर जताई नाराज़गी
दरभंगा। मिथिला स्टूडेंट यूनियन बिरौल इकाई द्वारा रविवार को नेउरी कहुआ प्रखंड के भवानीपुर पंचायत में “30 जुलाई एलएनएमयू चलो” अभियान को लेकर छात्रों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य फोकस छात्रावास की बदहाल स्थिति और मिथिला क्षेत्र के शिक्षा संस्थानों की उपेक्षा पर रहा।
बैठक में छात्रों ने सवाल उठाया कि “आख़िर कब खुलेगा छात्रावास?” और “छात्रों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर जनप्रतिनिधि कब तक चुप रहेंगे?”
बिरौल प्रखंड अध्यक्ष शिवम प्रणब ने कहा,
“हम नेता चुनते हैं, लेकिन वे हमारी शिक्षा व्यवस्था पर कब आवाज उठाएंगे? क्या यही लोकतंत्र है?
विश्वविद्यालय संगठन मंत्री कृष्ण मोहन झा ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा,
> “पहले हम अंग्रेजों के गुलाम थे, अब भाजपा की नीतियों ने हमें मगध केंद्रित विकास का गुलाम बना दिया है। मिथिला की उपेक्षा लगातार हो रही है।”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि “ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय को अब तक सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा क्यों नहीं मिला?”
बैठक में मो. कलाम, प्रदीप कुमार मंडल, अमित कुमार सनी समेत दर्जनों छात्र मौजूद रहे। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि 30 जुलाई को दरभंगा में आयोजित एलएनएमयू चलो अभियान को जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
छात्रों का यह आह्वान मिथिला क्षेत्र में शिक्षा के सवाल को फिर से मुख्यधारा में लाने की एक अहम पहल मानी जा रही है।













