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उपेंद्र कुशवाहा को एनडीए से मिला टास्क,बिहार घूमिए और 2025 से पहले रूठों को मनाइए

उपेंद्र कुशवाहा को एनडीए से मिला टास्क,बिहार घूमिए और 2025 से पहले रूठों को मनाइए

संवाददाता। पटना/औरंगाबाद।

कभी नीतीश कुमार की सत्ता के विरुद्ध विरासत बचाओ, नमन यात्रा निकालने वाले उपेंद्र कुशवाहा अब बिहार भर में विशेष तौर पर मध्य बिहार के इलाकों में निर्णायक वोट साबित होते रहे कुशवाहा वोटरों को एनडीए की छतरी तले लाने को बिहार यात्रा पर निकालेंगे। लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान कुशवाहा की नाराजगी झेल चुके एनडीए के साथ पार्टी हित में हुए नुकसान की इस भरपाई मिशन के नायक उपेंद्र कुशवाहा की 25 सितंबर से यात्रा की शुरुआत करने जा रहे हैं।
दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 में कुशवाहा की झेल चुके नाराजगी के बाद एनडीए के रणनीतिकार विधान सभा चुनाव के पहले डैमेज कंट्रोल कर लेना चाहते हैं। इस डैमेज कंट्रोल के तहत दक्षिण बिहार के साथ मध्य बिहार एनडीए के टारगेट में है। इन इलाकों में कई जिले ऐसे हैं, जहां हर विधान सभा में कुशवाहा की मिनिमम 30 से 40 हजार वोट हैं। ऐसे जिलों में पटना, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, नवादा, कैमूर, रोहतास, आरा और भोजपुर के अंतर्गत आने वाले विधान सभा क्षेत्र हैं। इसके अलावा उत्तर के जिलों में समस्तीपुर, सीतामढ़ी जिलों में कुशवाहा का विशेष प्रभाव है। इसके अलावा भी कुछ जिले हैं, जहां के एक दो विधान सभा में कुशवाहा वोट का महत्व है, उनमें- मधुबनी, सहरसा, भागलपुर, मुंगेर, पूर्णिया और मधेपुरा भी शामिल है।

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा अपने मिशन की शुरुआत अमर शहीद जगदेव बाबू की पावन धरती कुर्था से 25 सितंबर से शुरू कर एक स्पष्ट संदेश भी देना चाहते हैं। कुर्था शाहिद जगदेव महतो की जन्मभूमि है और जगदेव बाबू कुशवाहा राजनीति के सबसे मजबूत और प्रथम नायक रहे हैं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार उपेंद्र कुशवाहा 25 सितंबर से यात्रा शुरू करेंगे और पहले दिन अरवल और औरंगाबाद की जनता के बीच जाएंगे। अगले दिन 26 सितंबर को औरंगाबाद और रोहतास की यात्रा करेंगे। 27 सितंबर को रोहतास और भोजपुर के 29 सितंबर को सारण जाएंगे। प्रथम चरण के टारगेट को पूरा कर संभव है दशहरा के बाद दूसरे चरण की यात्रा पर निकालेंगे।
उपेंद्र कुशवाहा किसी न किसी मिशन के साथ यात्रा पर निकलते रहें हैं। 2016-17 में बिहार की बदहाल शिक्षा के सवाल पर जिलों में संपर्क यात्रा निकाली। सीएनआरसी के तहत समझो समझाओ, देश बचाओ यात्रा वर्ष 2020 में निकाली। 2023 में तो उपेंद्र कुशवाहा ने जदयू के तमाम पदों से इस्तीफा देने के बाद विरासत बचाओ, नमन यात्रा नीतीश सरकार के विरुद्ध ही निकली। तब लोहिया और कर्पूरी ठाकुर और जेपी के सामाजिक मूल्यों को लेकर विरासत बचाओ यात्रा निकाली तो इस यात्रा की शुरुआत भितिहरवा से बापू के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित कर शुरू की थी।