-अशोक-नीलम कुंवर हत्याकांड में बड़ा खुलासा, रिक्शा चालक के नाम पर लिया गया था फर्जी सिम, दो गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर। शहर के चर्चित रिटायर्ड बैंक अधिकारी अशोक कुंवर और उनकी पत्नी नीलम कुंवर की दोहरी हत्या मामले की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जांच में खुलासा हुआ है कि सुपारी किलर ने वारदात को अंजाम देने के लिए महीनों पहले ही सुनियोजित तरीके से तैयारी की थी। हत्या में इस्तेमाल किया गया मोबाइल सिम कार्ड एक गरीब रिक्शा चालक के आधार कार्ड पर जारी कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने रिक्शा चालक और सिम बेचने वाले रिटेलर को गिरफ्तार कर लिया है।
मिठनपुरा थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि जांच के दौरान संदिग्ध मोबाइल नंबर की पड़ताल की गई तो उसका लिंक सकरा थाना क्षेत्र के लेयौतन चपड़िया निवासी रिक्शा चालक रणधीर कुमार से जुड़ा मिला। पुलिस ने रणधीर कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं।
पूछताछ में रणधीर कुमार ने बताया कि करीब दो से तीन महीने पहले मोतीझील फ्लाईओवर के पास वकील की पोशाक पहने और चेहरे पर मास्क लगाए एक व्यक्ति ने उसका रिक्शा किराये पर लिया था। स्टेशन रोड स्थित एक मोबाइल दुकान पर पहुंचने के बाद उस व्यक्ति ने पैसों का लालच देकर उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल करते हुए नया आइडिया कंपनी का सिम कार्ड निकलवाया और अपने साथ ले गया। पैसों के लालच में उसने सिम उस अज्ञात व्यक्ति को सौंप दिया।

जांच के दौरान पुलिस ने स्टेशन रोड स्थित सिम स्टॉल संचालक कांटी थाना क्षेत्र के दामोदरपुर निवासी राकेश कुमार गुप्ता से भी पूछताछ की। नगर थानाध्यक्ष जयप्रकाश सिंह ने बताया कि पूछताछ में रिटेलर ने स्वीकार किया कि उसने नियमों की अनदेखी करते हुए पैसों के लालच में नया सिम सक्रिय कर अज्ञात व्यक्ति को उपलब्ध करा दिया था। इसके बाद मिठनपुरा थानाध्यक्ष के बयान पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर रणधीर कुमार और राकेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सुपारी किलर ने घटना से करीब तीन महीने पहले ही फर्जी तरीके से सिम कार्ड हासिल कर लिया था। इससे यह आशंका और मजबूत हुई है कि दोहरे हत्याकांड की साजिश काफी पहले से रची जा रही थी। पुलिस को संदेह है कि इस पूरे षड्यंत्र के पीछे कोई करीबी व्यक्ति भी शामिल हो सकता है। हालांकि हत्या की मुख्य वजह का अब तक खुलासा नहीं हो सका है और तकनीकी तथा मानवीय साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है।
इस बीच मुख्य आरोपी सुपारी किलर अब भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए जिला पुलिस ने ₹10 हजार का इनाम घोषित किया है। सीसीटीवी फुटेज और पुलिस द्वारा जारी स्केच के आधार पर उसकी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस की विशेष टीमें सीतामढ़ी, समस्तीपुर, वैशाली, दरभंगा और पूर्वी चंपारण सहित कई जिलों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस चर्चित दोहरे हत्याकांड के सभी पहलुओं से पर्दा उठ जाएगा।












