-हैं समान क्लास के बच्चे,आधे बैठते हैं जमीन पर तो आधे डेस्क पर
-उपस्करों का है अभाव
-बेसिक स्कूल,मतलुपुर का हाल
बन्दरा। दीपक ।
सरकार भले ही विद्यालयों में संसाधनों के विकास पर जोड़ दे रही है,लेकिन प्रखंड के बेसिक स्कूल मतलूपुर की यह तस्वीर देखीए कक्षा पांचवी और सातवीं के बच्चे बेंच-डेस्क के अभाव में जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते दिख रहे हैं। यहां बच्चे डेस्क- बेंच के अभाव में जमीन पर बैठकर पढ़ने को विवश हैं। यह तस्वीर बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को लेकर उपलब्ध संसाधनों की हकीकत बयां करती है।उपस्कर के अभाव में एक ही कक्षा में समान स्तर के छात्र-छात्राओं को दो तरह से बैठने की मजबूरी है। कुछ बच्चे को डेस्क- बेंच पर बैठाए गए हैं तो कुछ बच्चे फर्श पर बैठे हैं। स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि उपस्करों के अभाव में अधिकांशतः पहली से पांचवी तक के बच्चे को तो जमीन पर ही बैठकर शिक्षा ग्रहण कराने की मजबूरी होती है।सीनियर क्लास में भी उपस्कर का अभाव है। एक डेस्क पर 4-5 बच्चे बैठते हैं।बाकी जो बचता है,अधिक रहने पर जमीन पर बैठते हैं,नहीं तो कम बच्चा होने पर एडजस्ट करके 6 या 7 उसी पर बैठते हैं ।

शिक्षकों का बताना है कि जब से बिहार शिक्षा विभाग के द्वारा छात्र-छात्राओं की 75प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है तथा स्कूल नहीं आने वाले बच्चों के नाम को काटने की कार्रवाई शुरू की गई है, तब से स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ गई है। ओवरलोड की स्थिति उतपन्न होने तथा उपस्करों के अभाव की स्थिति में छात्रों को ऐसी व्यवस्था में बैठाने की मजबूरी है। ऐसे में शिक्षकों को पढ़ाने में भी कई तरह की तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक भोला पासवान ने बताया कि विभाग को कई बार इस संदर्भ में अवगत भी कराया गया है, लेकिन इस पर अबतक गंभीरता नहीं बरती गई है। उपस्करों की उपलब्धता कराने को लेकर रिपोर्ट भले हीं ससमय मांगी जाती रही है,लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी है।












