Advertisement

स्पॉट : ठंड ने सताया तो बच्चों को खड़ा कर हीं पढ़ाया!

-ठंड ने सताया तो बच्चों को खड़ा कर हीं पढ़ाया

-जर्जर भवन एवं उपस्कर विहीन स्कूल के बच्चों की पीड़ा
-शाम ढलने के साथ बढ़ने लगती है ठंड

दीपक कुमार तिवारी। मुजफ्फरपुर/बन्दरा।

शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार 5 बजे तक स्कूलों में कक्षा संचालन करने हैं, लिहाजा वैसे विद्यालय जहां उपस्करों का अभाव है। भवन एवं फर्श भी अत्यंत जर्जर एवं अनुपयोगी हैं। वैसे विद्यालय में बोरों पर बैठकर पढ़ने वाले बच्चों को सांझ होने के साथ हीं ठंड सताने लगता है। लिहाजा ऐसे में बच्चों को पढ़ाने का विकल्प भी स्कूल के शिक्षकों ने निकाला है। यह तस्वीर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय करमैठा का है। जहां प्राथमिक विद्यालय का भवन-फर्श कई सालों से अत्यंत जर्जर है। बच्चों को बरामदे,खुले आसमान और पीपल के पेड़ के नीचे पढ़ाने की मजबूरी होती है। गुरुवार को दक्ष क्लास के बच्चों को बोरा पर बैठे-बैठे ठंड का ज्यादा एहसास होने लगा।अभी 4 हीं बजे थे और बच्चे घर जाना चाह रहे थे,जबकि नियमानुसार उन्हें स्कूल में अभी और रुकना था।लिहाजा शिक्षिकाओं ने दक्ष क्लास के बच्चों को ग्रुप में खड़ा कर खेल-खेल में ही पढ़ाना शुरू कर दिया।

इस नए तरकीब से बच्चे भी उत्साहित हो गए।प्रभारी शिक्षिका रूबी कुमारी ने बताया कि स्कूल की भवन-फर्श अत्यंत जर्जर एवं अनुपयोगी है।उपस्कर भी नहीं है। स्कूल में 1से 5वी के ही बच्चे होते हैं,जो काफी छोटे-छोटे हैं।बाहर प्रांगण एवं पीपल की जड़ में बोरा पर बैठे बच्चों को इनदिनों ठंड ज्यादा कंपाने लगता है।मजबूरी में कोई विकल्प तो अपनाना ही पड़ता है न।