-जीविका दीदी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़
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दीपक कुमार तिवारी। मुजफ्फरपुर।
बंदरा में बुधवार को वित्तीय समावेशन के तहत जीविका बंदरा , और बैंक आफ इंडिया पीयर के संयुक्त तत्वावधान में ” ऋण निकासी उत्सव दिवस ” का आयोजन किया गया। यह आयोजन बैंक के सभागार में किया गया।
ऋण निकासी उत्सव दिवस पर जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक राकेश कुमार ने जीविका दीदी को संबोधित करते हुए कहा कि बैंक द्वारा दिए जा रहे पैसा से किराना दुकान, सब्जी और फल दुकान, सिलाई-कढ़ाई, चूड़ी लहठी की दुकान, बकरी पालन , मुर्गीपालन पालन , मछली पालन, परचुन की दुकान ,भुजा एवं समोसा की दुकान जैसे अन्य प्रकार का स्वरोजगार कर खुद को स्वावलंबी बनने का अह्ववान किया। जीविका दीदी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। जीविका दीदी घर की चहारदीवारी से बाहर निकलकर दीदी खुद बैठक में भाग लेकर अपने भविष्य को बनाने के फैसले ले रही है। इससे खुद आर्थिक रूप से जीविका दीदी मजबूत हो रही है। वही अपने परिवार को भी आर्थिक रूप से मजबूती देने में जुटी है। साथ ही श्री कुमार ने सभी जीविका दीदी से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा कराने का अह्ववान किया। बीमा गरीब दीदी की सामाजिक सुरक्षा कवच है।

बैंक आफ इंडिया पीयर के शाखा प्रबंधक अभिषेक नंदन कुमार द्वारा बताया गया है कि ऋण निकासी उत्सव दिवस के अवसर पर कुल 41 समूहों का 61 लाख 50 हजार रूपये जीविका दीदी को शाखा प्रबंधक द्वारा दिया गया।
मौके पर क्षेत्रीय समन्वयक राजीव रंजन ,सामुदायिक समन्वयक प्रीति कुमारी, कंचन कुमारी, नेहा कुमारी, रीना कुमारी, डाॅली कुमारी, राजू कुमार,राहुल कुमार नवीन कुमार,श्री नाथ कुमार आदि सभी कैडर शामिल हुए।











