-स्कूल में नाटक मंचित कर बच्चियों ने बताया ‘बाल-विवाह’ के कुप्रभाव
मुुुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक कुमार तिवारी।
सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम के तहत प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय नया टोला, सुंदरपुर रतवारा में स्कूली छात्र-छात्राओं के द्वारा बाल विवाह को लेकर नाटक का मंचन किया गया। इस दौरान नाटक के माध्यम से बच्चों को कम उम्र में होने वाले शादी के कुप्रभावों के बारे में समझाया गया। नाटक के माध्यम से प्रतिभागी बच्चियों ने समझाया कि बाल विवाह जहां कानूनी अपराध है,इसमें सजा का भी प्रावधान है। वहीं कम उम्र में शादी की वजह से इसके कई कुप्रभाव शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से पड़ते हैं। इसके लिए परिवार के साथ समाज भी जिम्मेवार है। लोगों में जागरूकता की जरूरत है।शारीरिक एवं मानसिक रूप से परिपक्व होने के बाद शादी करने पर स्वस्थता बनी रहती है। यह कानूनी रूप से भी वैध माना जाता है। इसलिए लड़की को 18 के बाद एवं लड़के को 21 साल के बाद हीं शादी करनी चाहिए।

नाटक में विद्यालय की सीनियर कक्षा की मधु कुमारी, विनीता कुमारी, आयुष कुमार, रौशनी कुमारी, रोहित कुमार आदि शामिल थे। वही कार्यक्रम का संयोजन शिक्षिका सारिका सिंहा रहे थे। प्रभारी प्रधानाध्यापक सविता पोद्दार ने बताया कि बेहतरीन प्रदर्शन के लिए शामिल बच्चों को पुरस्कृत किया गया। स्कूल के बच्चे इस दौरान काफी उत्साहित है।शिक्षक राजू कुमार सहित विद्यालय के सभी शिक्षक इस दौरान मौजूद थे।












