-सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों को बड़ी सौगात, 4.34 लाख लाभार्थियों के खाते में पहुंचे 49.69 करोड़ रुपये
मुजफ्फरपुर, 10 अगस्त 2026। सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के लिए सोमवार को बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री बिहार श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के बैंक खातों में बढ़ी हुई पेंशन राशि का अंतरण किया गया। इस अवसर पर मुजफ्फरपुर जिले के 4,34,265 पेंशनधारियों के खातों में जुलाई माह की कुल 49 करोड़ 69 लाख 69 हजार 300 रुपये की पेंशन राशि सीधे हस्तांतरित की गई। पेंशन राशि में हुई वृद्धि और खाते में राशि पहुंचने से जिले के वृद्धजन, विधवा, दिव्यांगजन एवं अन्य जरूरतमंद लाभार्थियों में खुशी का माहौल देखा गया। राज्य सरकार की ओर से इस विशेष अवसर को ‘पेंशन उत्सव’ के रूप में मनाया गया, जिसका उद्देश्य समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक संबल प्रदान करने का संदेश देना है।
मुजफ्फरपुर समाहरणालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी कुमार गौरव, उप विकास आयुक्त निशांत सिहारा, सहायक निदेशक जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग अभिषेक कुमार सहित कई वरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया। इस दौरान लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार के जनकल्याणकारी कार्यों का स्वागत करते हुए पेंशन राशि में वृद्धि को गरीब, वृद्ध, विधवा और दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला कदम बताया।
जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के कुल 4,34,265 लाभार्थियों के खातों में जुलाई माह की पेंशन राशि का भुगतान किया गया। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 1,33,047 लाभार्थियों के खाते में 14 करोड़ 79 लाख 1 हजार 500 रुपये, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 29,603 लाभार्थियों के खाते में 3 करोड़ 46 लाख 49 हजार 900 रुपये, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्तता पेंशन योजना के 2,481 लाभार्थियों के खाते में 27 लाख 68 हजार 900 रुपये, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 27,853 लाभार्थियों के खाते में 3 करोड़ 14 लाख 28 हजार 200 रुपये तथा बिहार नि:शक्तता पेंशन योजना के 23,004 लाभार्थियों के खाते में 2 करोड़ 61 लाख 91 हजार 200 रुपये की राशि भेजी गई। वहीं मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत सर्वाधिक 2,18,277 लाभार्थियों के खातों में 25 करोड़ 40 लाख 29 हजार 600 रुपये का अंतरण किया गया। इस प्रकार जिले में विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 49 करोड़ 69 लाख 69 हजार 300 रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई गई।

कार्यक्रम में मौजूद लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री एवं बिहार सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि बढ़ी हुई पेंशन राशि उनके लिए आर्थिक राहत का बड़ा माध्यम बनेगी। लाभार्थियों ने कहा कि महंगाई के इस दौर में 400 रुपये प्रतिमाह की राशि उनकी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं थी, जबकि 1100 रुपये प्रतिमाह मिलने से दवा, भोजन, कपड़े और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में काफी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विशेष रूप से वृद्धजन, दिव्यांगजन और निराश्रित विधवाओं के लिए यह सहायता सम्मानजनक जीवन जीने का आधार बनेगी।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी कुमार गौरव ने सभी पेंशनधारियों को बधाई देते हुए उनके सुखद, स्वस्थ एवं मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पात्र एवं वास्तविक लाभार्थियों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे, इसी उद्देश्य से जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को अनिवार्य बनाया गया है। उन्होंने कहा कि जीवन प्रमाणीकरण से यह सुनिश्चित होता है कि पेंशन राशि का भुगतान केवल जीवित एवं पात्र लाभार्थियों को ही किया जाए। इससे योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहती है और सरकारी संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित होता है। जिलाधिकारी ने शेष सभी पेंशनधारियों से अपील की कि वे अपने निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी में जाकर जल्द से जल्द जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि उनकी पेंशन का भुगतान बिना किसी बाधा के नियमित रूप से जारी रह सके।
पेंशन राशि बढ़ाकर 1100 रुपये प्रतिमाह किए जाने से लाखों लाभार्थियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की बात कही गई। वृद्धजन अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति बेहतर ढंग से कर सकेंगे, वहीं विधवा एवं दिव्यांग लाभार्थियों के लिए यह राशि नियमित आय के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में सहायक होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए यह अतिरिक्त राशि घरेलू आय में सहयोगी बनने के साथ जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी मददगार साबित होगी। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को न्यूनतम वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है और पेंशन वृद्धि को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पेंशन राशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है। डीबीटी प्रणाली के माध्यम से सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों तक पहुंच रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और लाभार्थियों को समय पर राशि मिलने की सुविधा मिल रही है। राज्य सरकार की ओर से आयोजित ‘पेंशन उत्सव’ को वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक समावेशन का प्रतीक बताया गया। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों में दिखा उत्साह इस बात को दर्शाता है कि पेंशन राशि में वृद्धि से उन्हें प्रत्यक्ष आर्थिक राहत मिल रही है।
इसी अवसर पर मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण छत्र योजना ‘संबल’ के तहत 20 पात्र दिव्यांग लाभुकों के बीच बैट्रीचालित ट्राइसाइकिल का वितरण भी किया गया। जिलाधिकारी ने प्रभारी सहायक निदेशक, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग को निर्देश दिया कि योजना के पात्र लाभुकों को चिह्नित कर उन्हें समय पर बैट्रीचालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को योजना का लाभ मिल सके।












