-श्रावणी मेला 2025 को लेकर प्रशासन सतर्क, बाबा गरीब नाथ मंदिर में तैयारियों का निरीक्षण
मुजफ्फरपुर | विशेष संवाददाता | 16 जून 2025
सावन माह में श्रद्धालुओं की आस्था और जनसैलाब को देखते हुए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने श्रावणी मेला 2025 को सफल एवं सुचारु रूप से संचालित करने के लिए कमर कस ली है। इसी क्रम में सोमवार को जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार ने अधिकारियों की टीम के साथ फकुली मोड़ से बाबा गरीब नाथ मंदिर तक पैदल भ्रमण कर तैयारियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, शौचालय, पेयजल, बिजली, सफाई, बैरिकेडिंग और प्रशासनिक पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन समीक्षा की। सभी संबंधित अधिकारियों को कार्यों को समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी श्री सेन ने कहा, “श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंदिर तक के पूरे मार्ग में सुगम आवाजाही, ठहराव एवं मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाएगी।”
प्रमुख व्यवस्थाएं और निर्देश:
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन: प्रमुख चौराहों, ठहराव स्थलों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की तैनाती होगी। मंदिर में प्रवेश-निकासी की निगरानी की जाएगी।
बिजली और संचार व्यवस्था:
बिजली के खंभों और लूज वायरों की मरम्मत का निर्देश, लाइटिंग व्यवस्था चाक-चौबंद रखने का आदेश। टेलिकॉम तारों को ठीक न करने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।

स्वास्थ्य सुविधा: कुल 21 मेडिकल कैंप, डॉक्टर, पारा मेडिकल स्टाफ और पर्याप्त एंबुलेंस की तैनाती। सिविल सर्जन को जिम्मेदारी सौंपते हुए सतत मॉनिटरिंग का निर्देश।
यातायात और बैरिकेडिंग:
श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा हेतु 150 ट्राली और आवश्यकता अनुसार डायवर्जन की व्यवस्था। मार्गों पर बैरिकेडिंग की जिम्मेदारी भवन निर्माण विभाग को सौंपी गई।
कंट्रोल रूम की स्थापना: पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी और समन्वय के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।
निरीक्षण में नगर आयुक्त श्री विक्रम वीरकर, अपर समाहर्ता श्री सुधीर कुमार सिन्हा, सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार, एसडीओ पश्चिमी श्रीमती श्रेयाश्री, एसडीओ पूर्वी श्री अमित कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री अजय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन की यह तैयारी भक्तों की आस्था और सुरक्षा को समर्पित एक सशक्त पहल मानी जा रही है।











