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विधानसभा सत्र के दौरान सरकार को घेरेंगे आपदा मित्र, 22-23 जुलाई को धरना-प्रदर्शन का ऐलान

-विधानसभा सत्र के दौरान सरकार को घेरेंगे आपदा मित्र, 22-23 जुलाई को धरना-प्रदर्शन का ऐलान

✍🏻 पटना। विशेष संवाददाता।

बिहार के 9600 आपदा मित्रों और सखियों की लंबित मांगों को लेकर आगामी 22-23 जुलाई को राजधानी पटना में विधानसभा सत्र के दौरान जोरदार प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा। यह ऐलान राष्ट्रीय आपदा मित्र संगठन की ओर से शनिवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में किया गया।

इस प्रेस वार्ता में बिहार विधान परिषद की सदस्य शशि यादव, संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रौशन कुमार, कार्यकारिणी सचिव धीरज कुमार, राष्ट्रीय संगठन मंत्री रंजन कुमार एवं आरवाईए राज्य सह-सचिव विनय कुमार मौजूद थे। वक्ताओं ने बताया कि आपदा मित्रों को बकाया भुगतान, नियमित मानदेय और भविष्य की सुरक्षा को लेकर लगातार सरकार से गुहार लगाई गई, लेकिन सरकार की असंवेदनशीलता अब चरम पर है।

शशि यादव ने कहा कि “आपदा मित्रों को हर आपदा एवं पर्व-त्योहारों में खतरों के बीच कार्य पर लगाया जाता है, लेकिन सरकार इन्हें मासिक मानदेय देने से पीछे हट रही है। 21 से 25 जुलाई तक चलने वाले विधानमंडल सत्र में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। हम सड़क से लेकर सदन तक इनके साथ खड़े हैं।”

रौशन कुमार ने आरोप लगाया कि “2023 में छठ पर्व के दौरान सभी मित्रों की तैनाती के बावजूद 2024 में इन्हें नजरअंदाज किया गया। इसी दौरान राज्य में 72 मौतें हुईं। अगर प्रशिक्षित आपदा मित्र होते तो यह जानें बच सकती थीं। सरकार को इसके लिए 2.88 करोड़ रुपये मुआवज़े में देने पड़े, फिर भी आपदा मित्रों की बकाया राशि का भुगतान अब तक नहीं हुआ।”

विनय कुमार ने सरकार को चेताया, “इंकलाबी नौजवान सभा आपदा मित्रों के हर आंदोलन के साथ है। यदि सरकार ने तत्काल बकाया भुगतान और मानदेय तय नहीं किया, तो व्यापक जनांदोलन छेड़ा जाएगा।”

धीरज कुमार और रंजन कुमार ने संयुक्त बयान में कहा कि “आपदा मित्र जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाते हैं, लेकिन उन्हें न तो सम्मान मिलता है और न ही स्थायीत्व। अगर सरकार ने इनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो 2025 के विधानसभा चुनाव में इन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।”

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