चंपारण की खबर::
– लाठी और बंदूक के बल पर लोगों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही सरकार : अभिजीत सिंह
– कटिहार में प्रदर्शनकारियों पर हुए फायरिंग के बाद राजनीतिक सरगर्मी हुई तेज, परिजनों को मुआवजा एवं सरकारी की मांग
मोतिहारी / राजन द्विवेदी ।
कटिहार कांड के बाद फिर एक बार बिहार में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है इधर जन अधिकार पार्टी के प्रधान महासचिव अभिजीत सिंह ने एक बार फिर से कटिहार गोलीकांड को लेकर सरकार को निशाने पर लिया है। इस दौरान जाप नेता ने कहा कि बिहार सरकार लोगों को आवाज को लाठी और बंदूक के बल पर दबाने की कोशिश कर रही है। लगातार पटना में भी शिक्षक अभ्यार्थियों एवं अन्य पर बेरहमी से लाठियां बरसाई गई, और अब कटिहार में बिजली की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोगों पर गोलियां बरसाई गई। प्रधान महासचिव अभिजीत सिंह ने बिजली की मांग कर रहे लोगों पर कटिहार के बारसोई में पुलिस की गोली से 2 लोगों की मौत और एक के घायल होने के मामले में बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में पूरी तरह से लोकतंत्र की हत्या हो रही है। घटना में शामिल पुलिस एवं अधिकारियों पर इस मामले में हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए। पुलिस की कार्रवाई पर हैरानी जताते हुए अभिजीत सिंह ने गोली चलाने की घटना की निंदा की।

साथ ही साथ जाप नेता अभिजीत सिंह ने बड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना को अंजाम किसके इशारे पर दिया गया इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी व ₹2500000 मुआवजा मिलना चाहिए
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुद जिम्मेदारी तय करनी चाहिए कि इतनी बड़ी घटना कैसे हुई। औऔआम लोगों का बिजली मांगना कैसे गुनाह है । ऐसे लोगो पर गोलियां चलाकर पुलिस ने अपनी बर्बरता का उदाहरण दिया है।











