-राजा विराट गढ़ पर वैष्णवी दुर्गा पूजा बाल भंडारे के साथ संपन्न, नौ दिवसीय रामकथा में उमड़े श्रद्धालु
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर। ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थल राजा विराट गढ़ पर आयोजित वैष्णवी दुर्गा पूजा बुधवार की शाम बाल भंडारे के साथ भव्य रूप से संपन्न हो गई। दशहरा के अवसर पर राढ़ विराटपुर का पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। पूजा के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों, संगीतमय रामकथा और अष्टयाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
पूजा के कलश स्थापना दिवस पर राजा विराट गढ़ से गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई थी। इसमें सैकड़ों महिलाओं ने बछराजा नदी से जल भरकर दुर्गा मंदिर परिसर में अर्पित किया। इस अवसर पर बगही मठ के महंत डॉ. सुखदेव दास महाराज ने नौ दिवसीय संगीतमय रामकथा का प्रवचन किया। कथा श्रवण के लिए राढ़ विराटपुर सहित आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
19 अक्टूबर को रामकथा का समापन हुआ। इस दौरान आयोजित प्रतियोगिता में सफल विद्यार्थियों को आयोजन समिति की ओर से मोमेंटो, ट्रॉफी, कलम और कॉपी देकर सम्मानित किया गया।

वहीं, 20 अक्टूबर को पूर्व प्रमुख चंदन कुमार यादव के नेतृत्व में डॉ. सुखदेव दास महाराज को मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग, चादर और नारायण जी महाराज का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजा विराट गढ़ मंदिर के महंत उचित दास सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं आयोजन समिति के सदस्य मौजूद रहे।
गुरुदेव की विदाई का क्षण भावुक रहा। विदाई के समय आयोजन समिति के कई सदस्य अपने आंसू नहीं रोक सके। इसके बाद 20 अक्टूबर को शुरू हुआ अष्टयाम 21 अक्टूबर की शाम संपन्न हुआ। अष्टयाम की समाप्ति के बाद बाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों बच्चों ने प्रसाद स्वरूप भोजन ग्रहण किया।
इस तरह धार्मिक अनुष्ठानों और श्रद्धा के माहौल में राजा विराट गढ़ पर आयोजित वैष्णवी दुर्गा पूजा का समापन हुआ। पूरे आयोजन के दौरान राढ़ विराटपुर और आसपास के गांवों में भक्ति, आस्था और उत्साह का माहौल बना रहा।












