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मुजफ्फरपुर: लूटकांड के आरोपित की पुलिस हिरासत में मौत, दो गंभीर; थानाध्यक्ष निलंबित

-लूटकांड के आरोपित की पुलिस हिरासत में मौत, दो गंभीर; थानाध्यक्ष निलंबित

 

पारू (मुजफ्फरपुर) ।सम्वाददाता।

 

मुजफ्फरपुर के देवरिया थाना क्षेत्र में गुरुवार को दो सीएसपी संचालकों से लूट मामले में पुलिस ने छापेमारी कर मुहब्बतपुर के मो. शराफत अली उर्फ गोलू, मो. इम्तेयाज और लखनौरी गांव के मो.नौशाद को हिरासत में लिया। ये तीनों लूटकांड के नामजद आरोपित बनाए गए थे।
स्वजन ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में तीनों की जमकर पिटाई की गई। गंभीर स्थिति में शराफत अली को श्रीकृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) में भर्ती कराया गया। वहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उग्र लोगों के भय से देवरिया थाने का गेट बंद कर वहां तैनात पुलिस अधिकारी व जवान भाग निकले।

आक्रोशितों ने तीन घंटे तक देवरिया थाने का घेराव किया और सड़क जाम कर हंगामा किया। पुलिस अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप था कि साजिश के तहत पिटाई कर शराफत की हत्या की गई है। पुलिस की पिटाई से दो की स्थिति गंभीर है। सूचना पर सिटी एसपी अरविंद प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ देवरिया पहुंचे। गंभीर रूप से घायल युवकों को एसकेएमसीएच भेजा।
हालांकि, स्वजन ने दो को बैरिया स्थित एक निजी अस्पताल भर्ती कराया है। अनियंत्रित स्थिति की सूचना पर एसएसपी राकेश कुमार भी वहां पहुंचे। इसके बाद स्थित पर नियंत्रण पाया गया। मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाते हुए देवरिया थानाध्यक्ष उदय कुमार को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट की तैनाती में चिकित्सकों के मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

युवकों के स्वजन ने बताया कि हिरासत में लिए जाने के बाद पहले तीनों को श्रीरामपुर चौर में फिर थाने पर लाकर बुरी तरह पीटा गया। इससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्वजन ने बताया कि मरणासन्न स्थिति में शराफत को एसकेएमसीएच भेजा गया। दो अन्य युवकों को अस्पताल भेजने के बदले पुलिस बगीचे में निजी चिकित्सक से उपचार कराती रही।
देवरिया थाने के मोहब्बतपुर गांव के पास गुरुवार दोपहर सीएसपी संचालक कृष्णा कुमार राय से पांच लाख व बंगरा गांव के पास सुरेश राय से बाइक सवार बदमाशों ने एक लाख 30 लाख रुपये लूटे थे। सीएससी संचालक ने बदमाशों को पहचानने का दावा करते हुए तीनों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी कराई थी।
एसडीपीओ सरैया कुमार चंदन के नेतृत्व में छापेमारी कर तीनों को हिरासत में लिया गया था। एसडीपीओ सरैया ने कहा कि बीमारी के कारण शराफत की मौत होने की बात सामने आई। किसी के साथ पुलिस ने पिटाई नहीं की है। शराफत पहले भी लूटपाट के मामले में जेल भेजा गया था।

एसएसपी राकेश कुमार ने बताया कि लूट मामले में तीनों को नामजद आरोपित बनाते हुए प्राथमिकी कराई गई थी। पूछताछ के दौरान एक आरोपित का तबीयत बिगड़ने पर तत्काल उसे इलाज के लिए भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई। मामले में लापरवाही देख थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया है।