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महिला संवाद रथ: सुदूर गांवों में उम्मीदों को दे रही पंख, बदल रही हैं समाज की तस्वीर

-महिला संवाद रथ: सुदूर गांवों में उम्मीदों को दे रही पंख, बदल रही हैं समाज की तस्वीर

मुजफ्फरपुर।
एक समय था जब ग्रामीण महिलाएं केवल रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत जरूरतों तक ही सीमित थीं। लेकिन अब समय बदल चुका है। बिहार सरकार की महिला-केन्द्रित योजनाओं और नीतियों ने महिलाओं को न सिर्फ जागरूक किया है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर भी अग्रसर किया है। इसी क्रम में महिला संवाद रथ जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकों तक पहुंचकर महिलाओं में आत्मबल जगा रहा है और समाज को एक नई दिशा दे रहा है।

जिले के सभी प्रखंडों में सोमवार को 29 महिला संवाद रथों के माध्यम से 58 ग्राम संगठनों में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। एलईडी स्क्रीन पर महिलाओं ने देखा कि कैसे जीविका, पोषाक योजना, साइकिल योजना, आरक्षण आधारित पहल और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान जैसी योजनाओं ने हजारों महिलाओं की ज़िन्दगी बदली। कार्यक्रम में वीडियो के साथ-साथ सरकार द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं के लीफलेट भी वितरित किए गए।

हर कार्यक्रम दो घंटे का रहा, जिसमें 45 मिनट वीडियो प्रस्तुति और 45 मिनट लाभान्वित महिलाओं की अनुभव साझा करने का समय रहा। इस दौरान 12,500 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। महिलाओं से उनकी स्थानीय समस्याएं और आकांक्षाएं भी एक ऐप के माध्यम से दर्ज की गईं ताकि उन्हें राज्य और जिला स्तर पर नीति निर्माण में शामिल किया जा सके।

कार्यक्रम में सिर्फ महिलाएं ही नहीं, पुरुषों ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि कैसे सरकार की योजनाओं ने उन्हें आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाया है। मुख्यमंत्री का संदेश पत्र भी मौके पर वितरित किया गया।

यह संवाद कार्यक्रम 16 जून तक जिलेभर में चलाया जाएगा, जो न सिर्फ सरकारी योजनाओं की जानकारी का माध्यम बन रहा है, बल्कि महिलाओं की आवाज़ को सरकार तक पहुँचाने का पुल भी बन रहा है।

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