-बूढ़ी गंडक नदी के रतवारा-रैनी घाट पर पुल निर्माण का मांग भी है कई साल पुरानी
बन्दरा। दीपक।
बूढ़ी गंडक नदी के रतवारा-रैनी घाट पर पुल निर्माण का मांग कई सालों से किया जा रहा है।मुजफ्फरपुर-दरभंगा फोरलेन के जारंग डीह चौक से बन्दरा प्रखंड मुख्यालय के रास्ते में रतवारा-रैनी घाट पर पुल निर्माण होने से राजधानी पटना एवं सकरा ढोली रेलवे स्टेशन एवं कृषि कॉलेज से क्षेत्र के लोगों का जुड़ाव हो सकेगा।जिले के नदी पार के बन्दरा,मुरौल एवं पड़ोसी गायघाट,समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर तथा दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड क्षेत्र की एक बड़ी आबादी का यातायात भी सुगम हो सकेगा। वहीं दरभंगा, मधुबनी जिले एवं नेपाल से पटना जाने वाले यात्री बसों एवं वाहनों का परिचालन भी इस मुख्य पथ से आसान एवं करीब हो सकेगा।

रतवारा-रैनी घाट पर जान जोखीम में डालकर दैनिक राहगीर, साइकिल एवं बाइक सवार रोजाना सफर करते हैं।नदी पार स्कूल कॉलेज आने-जाने वाले बच्चे,खासकर प्रखंड एवं पंचायत के कर्मी,एवं आसपास के विभिन्न विद्यालयों में जॉब करने वाले लोग रोजाना नाव की सवारी करते हैं। लिहाजा सदैव खतरा बना रहता है। पुल निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. श्याम किशोर ने गुरुवार मो बताया कि पिछले 20-22 सालों से यहां पुल निर्माण का मांग लगातार किया जा रहा है। लगातार धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन के बावजूद बहु प्रतीक्षित एवं अत्यंत जरूरी इस पुल का निर्माण नहीं हो सकता है। इससे लाखों की आबादी प्रभावित है।सरकार को शायद किसी बड़े हादसे का इन्तज़ार है।












