-बिहार में सियासत के साथ सुरक्षा का बढ़ता दायरा, दोनों डिप्टी CM को Z श्रेणी सुरक्षा
पटना।
बिहार की राजनीति में अब सुरक्षा भी एक अहम सियासी पैमाना बनती जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में जेडीयू कोटे से बने दोनों उपमुख्यमंत्री—विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र प्रसाद यादव को Z श्रेणी की कड़ी सुरक्षा मुहैया कराई गई है। इस फैसले को महज सुरक्षा का मामला नहीं, बल्कि सियासी ताकत और प्रभाव के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।
17 अप्रैल को पुलिस मुख्यालय में आयोजित राज्य सुरक्षा समिति की अहम बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। बैठक में दोनों नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने की सिफारिश की गई थी। नई व्यवस्था के तहत अब करीब 22 सुरक्षाकर्मी हर समय उनके साथ तैनात रहेंगे। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के कमांडो भी शामिल हो सकते हैं।

सियासी जानकार इस फैसले को पावर बैलेंस और सरकार की आंतरिक स्थिरता से जोड़कर देख रहे हैं। उनका मानना है कि नई सरकार अपने प्रमुख चेहरों की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। मोबाइल सिक्योरिटी, रिहायशी सुरक्षा और एस्कॉर्ट गाड़ियों के साथ अब दोनों उपमुख्यमंत्रियों का सुरक्षा घेरा और अधिक मजबूत हो गया है।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पहले से ही Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। उनकी सुरक्षा में बड़ी संख्या में जवान और एनएसजी कमांडो तैनात रहते हैं, जो उनकी सियासी अहमियत को दर्शाता है।
पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक नजरिए से देखें तो साफ है कि बिहार में सत्ता का नया समीकरण बन रहा है, जहां सुरक्षा भी ताकत का एक अहम प्रतीक बनती जा रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बढ़ती सुरक्षा व्यवस्था केवल एहतियात है या बदलते सियासी माहौल का स्पष्ट संकेत।












