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बिहार में बारिश और उफनती नदियों से बढ़ा बाढ़ का खतरा, कोसी-बागमती खतरे के निशान से ऊपर

-बिहार में बारिश और उफनती नदियों से बढ़ा बाढ़ का खतरा, कोसी-बागमती खतरे के निशान से ऊपर

पटना। साइक्लोन अर्णब के असर से बिहार में मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है। पिछले तीन दिनों से राजधानी पटना समेत प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण बिहार की प्रमुख नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। कोसी और बागमती खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि गंडक के जलस्तर में भी लगातार इजाफा हो रहा है। इससे कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

नेपाल में भारी बारिश के बाद शुक्रवार को वीरपुर बराज से कोसी नदी में 2.65 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसका असर नदी के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। पिछले 24 घंटे में सुपौल के बसुआ में कोसी का जलस्तर 12 सेंटीमीटर और खगड़िया के बलतारा में 26 सेंटीमीटर बढ़ा। बलतारा में नदी खतरे के निशान से 49 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है।

इधर, वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में 1.29 लाख क्यूसेक पानी का प्रवाह हो रहा है। पश्चिम चंपारण के चटिया में 14 सेंटीमीटर और गोपालगंज के डुमरिया घाट में 24 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ा है। बगहा क्षेत्र में भी बाढ़ की आशंका गहरा गई है।

मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में बागमती नदी खतरे के निशान से 2 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी किनारे के इलाकों में प्रशासन को अलर्ट रखा गया है। वहीं सुपौल के करीब 50 गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है और कई घरों में पानी घुस गया है।

लगातार बारिश के बीच खगड़िया के बेलदौर में घर की दीवार गिरने से 10 वर्षीय शिवम कुमार की मौत हो गई। अररिया के मानिकपुर पंचायत में बलुआही धार का जलस्तर बढ़ने से पानी का दबाव बढ़ा और डूबने से दो महिलाओं की मौत हो गई।

मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 19 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश, उफनती नदियों और बढ़ते जलस्तर के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।