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बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का भाजपा ने सम्मान किया किंतु कांग्रेस ने उपेक्षा की : राधामोहन सिंह

-बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का भाजपा ने सम्मान किया किंतु कांग्रेस ने उपेक्षा की : राधामोहन सिंह

मोतिहारी / राजन द्विवेदी।

आज सांसद पूर्व केंद्रीय कॄषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने तेतरिया में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती पर बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का भाजपा ने सम्मान किया किंतु कांग्रेस ने उपेक्षा की।
1952 के चुनाव में कांग्रेस ने उनको हारने का काम किया। उसके पहले 1937 के मुंबई प्रेसिडेंसी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बाबा साहेब को हराने का फिर प्रयास किया।
नेहरू मंत्रिमंडल में अंबेडकर जी को जानबूझकर दरकिनार किया गया। अपने उपेक्षा से निराश होकर बाबासाहेब ने नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर अपना विरोध दर्ज कराया।1951 में डॉक्टर अंबेडकर का नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफा कांग्रेस के प्रति उनके मोहभंग का प्रतीक था। 10 अक्टूबर 1951 को संसद में दिए गए अपने भाषण में उन्होंने अपने इस्तीफा के पीछे पांच प्रमुख कारणों का उल्लेख किया था।उन्होंने कहा था कि कांग्रेस सरकार दलितों के मुद्दों की उपेक्षा कर रही है और केवल मुसलमान पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
डॉ० आंबेडकर के महापरिनिर्वाण पर उनका अनादर किया। कांग्रेस ने डॉ० भीमराव अंबेडकर की स्मृति में किसी भी प्रकार के स्मारक के निर्माण को रोका। उन्हें राष्ट्र विरोधी साबित करने का प्रयास किया शैक्षणिक सामग्री के माध्यम से उपहास किया। वहीं भाजपा ने पंच तीर्थ का निर्माण कर डॉ० अंबेडकर को सम्मान दिया और 125वीं जयंती का गरिमामय आयोजन किया है।


वैश्विक स्तर पर आयोजन डॉ० अंबेडकर की 125वीं जयंती के अवसर पर मोदी सरकार द्वारा 120 देशों में स्मृति समारोहों का आयोजन कर उनके सामाजिक न्याय और समता के योगदान को वैश्विक स्तर पर रेखांकित किया गया। 30 सितंबर, 2015 को संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री की उपस्थिति में, डॉ. अंबेडकर की स्मृति में एक विशेष डाक टिकट जारी किया गया।
26 जनवरी, 2016 को राजपथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा डॉ० अंबेडकर पर केंद्रित एक झांकी प्रस्तुत की गई।
मोदी सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप वर्ष 2016 में संयुक्त राष्ट्र ने पहली बार अंबेडकर जयंती का आयोजन किया।
26-27 नवंबर, 2015 को संसद के दोनों सदनों का संयुक्त विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें डॉ० अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी गई।
मौके पर पिपरा विधायक श्यामबाबू यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।