-बाढ़ प्रबंधन, सड़क और ऊर्जा परियोजनाओं की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा, कृषि फीडरों के सोलराइजेशन में तेजी के निर्देश
पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को गंगा, गंडक एवं कोसी नदी परियोजनाओं, बक्सर-भागलपुर 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, पीरपैंती तापीय विद्युत परियोजना तथा पीएम-कुसुम योजना से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बाढ़ प्रबंधन, सड़क संपर्क और सौर ऊर्जा से संबंधित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
कोसी नदी प्रणाली की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोसी के प्रबंधन को केवल वार्षिक बाढ़ नियंत्रण तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि दीर्घकालिक बाढ़ जोखिम न्यूनीकरण की रणनीति तैयार की जाए। उन्होंने गाद प्रबंधन को प्राथमिकता देने तथा नए बैराज के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। गंडक नदी के तटबंधों पर सोलर प्लांट लगाने की दिशा में भी कार्य करने को कहा।

पथ निर्माण विभाग की समीक्षा में 348.196 किलोमीटर लंबे बक्सर-भागलपुर 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की प्रगति पर चर्चा हुई। इसके अलावा गंगा-अंबिका पथ, नारायणी पथ और विश्वामित्र पथ की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा में 3×800 मेगावाट क्षमता वाली पीरपैंती तापीय विद्युत परियोजना और बांका तापीय विद्युत संयंत्र के कार्यों की जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री ने पीएम-कुसुम योजना के तहत कृषि फीडरों के सोलराइजेशन का कार्य तेजी से पूरा करने तथा राजकीय नलकूपों को सौर ऊर्जा से संचालित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने गंगा, कोसी और गंडक क्षेत्र में बाढ़ प्रबंधन के स्थायी समाधान, तटबंधों के मजबूतीकरण और आधारभूत संरचना के विकास पर जोर दिया। उन्होंने विभागों को आपसी समन्वय के साथ परियोजनाओं की नियमित निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।












