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बन्दरा में 6 महीने में चार बार कटी कृषि बिजली लाइन, सिंचाई संकट से किसानों में आक्रोश

-बन्दरा में 6 महीने में चार बार कटी कृषि बिजली लाइन, सिंचाई संकट से किसानों में आक्रोश

मुजफ्फरपुर/दीपक।जिले के बंदरा प्रखंड अंतर्गत मुन्नी बैंगरी पंचायत में कृषि बिजली लाइन से बार-बार तार चोरी होने से किसानों के सामने सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पिछले छह महीनों में अलग-अलग स्थानों पर चार बार कृषि लाइन के तार चोरी होने से नाराज किसानों ने जिलाधिकारी समेत बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों को आवेदन देकर शीघ्र कार्रवाई और कृषि लाइन बहाल करने की मांग की है।
किसानों ने आवेदन में बताया कि वे सकरी मन गांव के निवासी हैं और उनकी आजीविका पूरी तरह खेती पर निर्भर है। क्षेत्र में धान, गेहूं और मक्का की खेती होती है। वर्तमान में खरीफ सीजन के तहत धान का बिचड़ा तैयार है और अगले कुछ दिनों में रोपाई शुरू होनी है, लेकिन सिंचाई के मुख्य साधन कृषि बिजली लाइन के ठप होने से खेती पर संकट गहरा गया है।
किसानों के अनुसार 27 जून 2026 की रात करीब 126 बिजली पोलों से कृषि लाइन का तार अज्ञात चोर काटकर ले गए। सुबह खेतों में सिंचाई के लिए पहुंचे किसानों ने देखा कि पूरी लाइन गायब है। इसकी सूचना तत्काल स्थानीय लाइनमैन और कनीय विद्युत अभियंता, बंदरा को दी गई।


किसानों का आरोप है कि ग्रामीण और कृषि लाइन साथ-साथ गुजरती है, फिर भी हर बार केवल कृषि लाइन का तार ही चोरी होता है। उनका कहना है कि यदि ग्रामीण लाइन सुरक्षित रह सकती है तो कृषि लाइन की सुरक्षा क्यों नहीं की जा रही है। किसानों ने बिजली विभाग के जवाब पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ उपभोक्ताओं की संख्या के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था तय नहीं की जा सकती।
आवेदन में किसानों ने कहा कि बिजली नहीं रहने से दो एचपी मोटरों से सिंचाई बंद हो गई है। ऐसे में धान की रोपाई और बाद की सिंचाई दोनों प्रभावित होंगी। साथ ही किसानों पर बिजली बिल का भी बोझ बना हुआ है।
किसानों ने कृषि बिजली लाइन को तत्काल चालू कराने, चोरी की घटना की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों की गिरफ्तारी तथा बिजली तार और ट्रांसफार्मर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
इस संबंध में आवेदन सांसद, विधायक, जिलाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, विद्युत अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता, सहायक विद्युत अभियंता, कनीय विद्युत अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजा गया है।
आवेदन पर जय नारायण साहनी, रामकरण साहनी, शिव नारायण साहनी, रोहित कुमार, विद्याधर प्रसाद ठाकुर, राधेश्याम शर्मा, राजेंद्र साहनी, विजय कुमार ठाकुर,सुजीत ठाकुर, सौरव कुमार, अजय कुमार ठाकुर, विवेक कुमार, प्रशांत कुमार, जितेंद्र कुमार, अशोक कुमार ठाकुर, केदार साहनी, महालक्ष्मी देवी, कौशल कुमार ठाकुर, अमरजीत साहनी, रामबाबू साहनी सहित कई किसानों के हस्ताक्षर हैं।