-बन्दरा प्रखण्ड में है 15 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर,कई की व्यवस्था भगवान भरोसे
मुुुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक।
यूं तो प्रखंड क्षेत्र में कल 15 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालित हैं, लेकिन इनमें कई सेंटर चिकित्सा पदाधिकारी एवं चिकित्सा कर्मियों के लेट लतीफी का शिकार है।कई जगहों से स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत है की इनमें कई जगहों पर कहीं चिकित्सक तो कहीं चिकित्सा कर्मी ससमय और प्रत्येक दिन नहीं उपलब्ध पर हो पा रहे हैं। प्रायः जगहों पर नियमित एवं स्थाई चिकित्सक का अभाव है। स्वास्थ्य सूत्रों का बताना है कि प्रखंड में 15 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर है, जबकि यहां मात्र 3 सीएचओ (सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी) हैं।जो हत्था, बिशनपुर-मेहसी और पटसारा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में कार्यरत है। प्रत्येक के जिम्मे एक-एक अतिरिक्त प्रभार हैं। बाकी सेंटरों के यह पद रिक्त है। रिक्त जगहों पर एएनएम के भरोसे यह जिम्मेदारी है।

प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नौशाद अहमद ने बुधवार को बताया कि 3 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी प्रखंड क्षेत्र में कार्यरत हैं, जबकि तीन अन्यत्र नौकरी मिलने की वजहों से सीएचओ का नौकरी छोड़कर लौट चुके हैं। तीन के अलावा शेष जगह(सेंटर) पर यह पद रिक्त है।वहां एएनएम के जिम्मे यह जवाब देही है। उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी के जिम्मे ओपीडी चलाने से लेकर हेल्थ मेला आयोजन, टीवी मरीजों का स्क्रीनिंग सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों का आयोजन करने और क्षेत्र भ्रमण कर आवश्यक स्वास्थ्य जन जागरूकता आदि के कार्यक्रम करने की जिम्मेदारी है।
इधर बुधवार को ‘A2Zन्यूज़live’ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सकरीमन पहुंची तो 12:40 पर केंद्र के बाहर तालाबंद मिला और परिसर सुनसान था। ना चिकित्सक दिखे और ना ही चिकित्सा कर्मी । ना ही कोई मरीज ही यहां पर दिख रहे थे और न ही केंद्र से जुड़ी गतिविधियां।सेंटर परिसर में मवेशियां आदि बंधी-रखी दिखी।ऐसे में चिकित्सा विभाग की गम्भीरता और आमजनों को सहज मिलने वाली चिकित्सा व्यवस्था की जमीनी हालात को स्वयं भी समझा जा सकता है।
वहीं इस संबंध में प्रखण्ड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नौशाद अहमद का बताना है कि वहां प्रतिनियुक्त चिकित्सक अंदर में थे। मुख्य द्वार पर ताला बंद किया गया था। पिछली गेटों से मरीजों को बुलाकर देखा जा रहा था। वहां चिकित्सक और कर्मी पिछली दरवाजा से आते-जाते हैं।












