-बन्दरा के लापरवाह बीएलओ पर स्पष्टीकरण की कार्यवाई
-कार्य लापरवाही में 36 तो देरी से आने या अनुपस्थिति में 37 एवं कार्य बाधा में 2 बीएलओ से स्पष्टीकरण
-24 घण्टे में मांगा गया जबाब
मुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक ।
सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी 88 गायघाट विधानसभा सह प्रखंड विकास पदाधिकारी बन्दरा ने प्रखंड के 36 बीएलओ से कार्य में लापरवाही को लेकर स्पष्टीकरण की मांग की है। जिसमें कहा गया है कि दिनांक 6. 7.2025 को बिहार विधान सभा आम निर्वाचन 2025 के अवसर पर विशेष गहण पुनरिक्षण कार्यक्रम 2025 के सफल क्रियान्वयन हेतु समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई। जिसमें आप सभी बीएलओ की प्रगति प्रपत्र वितरित, प्राप्ति एवं पोर्टल पर ऑनलाइन प्रविष्टि में संतोषप्रद नहीं पाई गई।जिससे उक्त कार्य में बन्दरा प्रखंड की प्रगति प्रभावित हो रही है। लिहाजा इस मामले में 24 घंटा के अंदर अपेक्षित प्रगति करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, साथ ही अपना-अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध करना सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं स्पष्टीकरण का जवाब संतोष प्रद नहीं होने की स्थिति में निलंबन की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
समीक्षा बैठक में अनुपस्थिति या देर से उपस्थित होने के मामले में 37 बीएलओ से स्पष्टीकरण:

वही एक दूसरे पत्र में प्रखंड के 37 बीएलओ से समीक्षा बैठक में अनुपस्थिति या देर से उपस्थित होने के मामले को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें आप सभी बीएलओ या तो अनुपस्थित पाए गए या देर से उपस्थित हुए, जिससे उक्त कार्य की प्रगति से संबंधित प्रतिवेदन प्राप्त करने में विलंब हुई। इस संदर्भित मामले में भी पत्र प्राप्ति के साथ ही अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस पत्र में भी संतोषप्रद जवाब नहीं होने की स्थिति में निलंबन के कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कार्यबाधा में 2 बीएलओ से स्पष्टीकरण:
वहीं तीसरे पत्र में बीएलओ सद्दाम हुसैन तथा जीतन सहनी के खिलाफ विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु आयोजित बैठक में बाधा उतपन्न करने को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया गया है। पत्र के अनुसार बीएलओ को आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाने के क्रम में आपके द्वारा हंगामा करते हुए बैठक में बाधा उत्पन्न करने का असफल प्रयास किया गया है। संदर्भित पदाधिकारी के द्वारा दिशा निर्देश के दिए जाने के बावजूद भी आपके रवैया में कोई बदलाव नहीं आया। आपका यह कृत निर्वाचन कार्य में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करने के साथ-साथ वरीय पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना को दर्शाता है। इस मामले में पत्र प्राप्ति के साथ ही उपस्थित होकर स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने को कहा गया है।l













