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फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी का बड़ा खुलासा: मुजफ्फरपुर के दो शिक्षकों के दस्तावेज जाली, कार्रवाई तेज

-फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी का बड़ा खुलासा: मुजफ्फरपुर के दो शिक्षकों के दस्तावेज जाली, कार्रवाई तेज

मुजफ्फरपुर। बिहार में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों के खिलाफ चल रही जांच के बीच मुजफ्फरपुर जिले से एक और बड़ा मामला सामने आया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच में कुढ़नी प्रखंड में कार्यरत दो शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र जाली पाए गए हैं। दोनों शिक्षकों पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करने और वर्षों तक सरकारी वेतन एवं अन्य सुविधाओं का लाभ लेने का आरोप है।

जानकारी के अनुसार, पटना उच्च न्यायालय के निर्देश पर बिहार में नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाणपत्रों की व्यापक जांच की जा रही है। इसी क्रम में की गई जांच के दौरान कुढ़नी प्रखंड के दो शिक्षकों के प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए गए थे, जिसकी पुष्टि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच में हो गई।

जांच रिपोर्ट में दोनों शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों को फर्जी बताया गया है। इसके बाद संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है और दोषी पाए गए शिक्षकों के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

राज्यभर में चल रही इस जांच के दौरान पहले भी कई जिलों में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों की पहचान हो चुकी है। अब मुजफ्फरपुर में सामने आए इस नए मामले ने शिक्षा विभाग की नियुक्ति प्रक्रिया और प्रमाणपत्र सत्यापन व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच अभियान अभी जारी है और प्रमाणपत्रों की सत्यता की पुष्टि के बाद दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ सेवा समाप्ति, वेतन वसूली और आपराधिक मुकदमा दर्ज करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

पटना उच्च न्यायालय के आदेश के बाद राज्यभर में चल रही इस विशेष जांच का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।