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नेपाल में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी व रोहिंग्या नागरिकों पर कार्रवाई तेज, जिलों को निर्देश

-नेपाल में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी व रोहिंग्या नागरिकों पर कार्रवाई तेज, जिलों को निर्देश

जनकपुरधाम। मधुकर। नेपाल सरकार ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। गृह मंत्री सुदन गुरुंग के निर्देश पर गृह मंत्रालय ने सभी जिलों के प्रमुख जिला अधिकारियों (सीडीओ) को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, इस अभियान के तहत काठमांडू से 22 बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। नेपाल सरकार उनके नागरिकता संबंधी सत्यापन के बाद उन्हें बांग्लादेश और म्यांमार भेजने की प्रक्रिया में जुटी है।
बताया जा रहा है कि भारत-नेपाल की खुली सीमा का लाभ उठाकर कुछ लोग पगडंडियों और सुनसान सीमा क्षेत्रों से नेपाल में प्रवेश कर जाते हैं। प्रारंभिक दिनों में वे मदरसों या मस्जिदों में शरण लेते हैं और बाद में विभिन्न स्थानों पर अस्थायी टेंट लगाकर परिवार सहित रहने लगते हैं।

आजीविका के लिए वे फेरी, राजमिस्त्री अथवा दिहाड़ी मजदूरी का कार्य करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, वे मुख्य रूप से बंगला और उर्दू बोलते हैं तथा सीमित हिंदी का भी प्रयोग करते हैं। संदेह होने पर कुछ लोग स्वयं को पश्चिम बंगाल का निवासी बताते हैं।
नेपाल हिंदू स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद सहित कई संगठनों ने लंबे समय से नेपाल में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की मांग की है।
हालांकि, इस मामले में नेपाल सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों और कार्रवाई की विस्तृत जानकारी का इंतजार है। वहीं, सरकार की इस पहल को लेकर विभिन्न वर्गों में सकारात्मक प्रतिक्रिया भी सामने आ रही है।