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दिल्ली ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा — अल फलाह विश्वविद्यालय परिसर से मौलवी गिरफ्तार, भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

-दिल्ली ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा — अल फलाह विश्वविद्यालय परिसर से मौलवी गिरफ्तार, भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

नई दिल्ली। संवाददाता।

राजधानी दिल्ली में हुए हालिया लाल किला ब्लास्ट मामले की जांच में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। हरियाणा के फरीदाबाद जिले में स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय परिसर से पुलिस ने एक मौलवी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान मौलवी इश्तियाक के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर उस आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा है जिसने लाल किला इलाके में हुए भीषण धमाके को अंजाम दिया था। इस विस्फोट में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने मेवात और फरीदाबाद में संयुक्त छापेमारी की। छापेमारी के दौरान फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय परिसर में मौलवी इश्तियाक के किराए के आवास से 2,500 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। इसमें अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम क्लोरेट और सल्फर शामिल हैं — जो उच्च क्षमता वाले विस्फोटक बनाने में प्रयुक्त होते हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, बरामदगी इस बात की पुष्टि करती है कि मौलवी इश्तियाक एक संगठित आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था। पुलिस ने मौलवी को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए श्रीनगर भेज दिया है, जहां इस नेटवर्क के कई अन्य सदस्य पहले से हिरासत में हैं।

जांच में खुलासा हुआ है कि मौलवी इश्तियाक का संपर्क दो डॉक्टरों — डॉ. मुजम्मिल गनई उर्फ मुसैब और डॉ. उमर नबी — से था। ये दोनों डॉक्टर इस मॉड्यूल के सक्रिय सदस्य हैं और इन्हीं पर दिल्ली ब्लास्ट की साजिश रचने व उसे अंजाम देने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, मौलवी के घर पर इन आतंकियों की गोपनीय बैठकें होती थीं, जहां देशभर में संभावित धमाकों की योजनाएँ बनाई जाती थीं।

फॉरेंसिक जांच में यह भी सामने आया कि धमाका करने वाली कार को डॉ. उमर नबी चला रहा था। लाल किला इलाके में खड़ी इस कार में भारी मात्रा में विस्फोटक रखे गए थे, जिससे शक्तिशाली धमाका हुआ और दर्जनभर लोगों की जान चली गई। पुलिस का कहना है कि मौलवी के घर पर बरामद विस्फोटक इन्हीं डॉक्टरों द्वारा वहाँ छिपाए गए थे, ताकि जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि अब तक इस केस में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें डॉक्टर, मौलवी और अन्य संदिग्ध शामिल हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस नेटवर्क की फंडिंग विदेशों से की जा रही थी। पुलिस अब मौलवी के बैंक खातों और मोबाइल रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि पैसे और आदेश के स्रोतों का पता लगाया जा सके।

दिल्ली ब्लास्ट के बाद राजधानी में सुरक्षा को लेकर चौकसी और बढ़ा दी गई है। सभी प्रवेश और निकास मार्गों पर सघन चेकिंग चल रही है। पुलिस ने मॉल, बाजारों, धार्मिक स्थलों और पर्यटन केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि “यह गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि आतंकी संगठन अब भी सक्रिय हैं और वे डॉक्टरों व धार्मिक नेताओं की आड़ में अपने नेटवर्क को फैला रहे हैं।”

केंद्र सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सभी राज्यों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। गृहमंत्रालय ने खुफिया एजेंसियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और देशभर में आतंकवादी गतिविधियों की रोकथाम के लिए एकीकृत अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

फरीदाबाद से मौलवी इश्तियाक की गिरफ्तारी ने न केवल दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच को नई दिशा दी है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यह नेटवर्क देशव्यापी स्तर पर सक्रिय था। आने वाले दिनों में मौलवी से पूछताछ के दौरान कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।