-टीबी स्क्रीनिंग अभियान के बीच अस्पताल से निकलीं खगौल पीएचसी प्रभारी, वीडियो वायरल; स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल
पटना। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत पटना जिले के कमजोर प्रदर्शन के बीच खगौल-दानापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की प्रभारी चिकित्सक डॉ. अनुपमा सिन्हा का ड्यूटी अवधि में अस्पताल छोड़ने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को दोपहर करीब 2:30 बजे डॉ. अनुपमा सिन्हा अस्पताल परिसर से बाहर निकलती हुई कैमरे में दिखाई दीं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पहली बार नहीं है। उनका कहना है कि प्रभारी चिकित्सक अक्सर देर से अस्पताल पहुंचती हैं और निर्धारित समय से पहले चली जाती हैं, जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब राज्यभर में टीबी स्क्रीनिंग और पल्स पोलियो अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। जिला और राज्य स्तर पर प्रतिदिन समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं तथा सभी सरकारी अस्पतालों से प्रगति रिपोर्ट ली जा रही है। ऐसे में एक प्रभारी चिकित्सक के ड्यूटी अवधि में अस्पताल छोड़ने की घटना ने विभागीय अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि टीबी स्क्रीनिंग अभियान में पटना जिले का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा है और स्क्रीनिंग रैंकिंग घटकर करीब 3 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे पहले से ही स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, वायरल वीडियो की जानकारी सिविल सर्जन समेत जिला स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अभियान के दौरान भी अस्पतालों के प्रभारी इसी तरह लापरवाही बरतेंगे, तो टीबी स्क्रीनिंग और पल्स पोलियो जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के निर्धारित लक्ष्य हासिल करना कठिन हो जाएगा। अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो के आधार पर क्या कार्रवाई की जाती है।












