-41 साल बाद घर लौटे उमेश मिश्रा से मिलने पहुंचे कांटी के निवर्तमान बीडीओ
-दस्तावेज बनवाने की उठी मांग
मुजफ्फरपुर। कांटी प्रखंड के गोदाई फुलकाहा पंचायत अंतर्गत पोखरौरा वार्ड-6 निवासी उमेश मिश्रा के 41 वर्षों बाद घर लौटने की खबर सुनकर कांटी के निवर्तमान बीडीओ डॉ. आनंद कुमार विभूति रविवार को उनके आवास पहुंचे। उन्होंने उमेश मिश्रा का अंगवस्त्र, गुलदस्ता, डायरी और मिथिला की पारंपरिक पाग पहनाकर स्वागत किया तथा उनके परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात की।
डॉ. आनंद कुमार विभूति ने बताया कि उमेश मिश्रा के घर लौटने की जानकारी उन्हें पहले ही मिल गई थी, लेकिन उसी दिन उनका तबादला होने के कारण उन्हें दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड में पदभार ग्रहण करना था। इसी वजह से वे तत्काल नहीं पहुंच सके। रविवार को अवकाश मिलने पर वे स्वयं को रोक नहीं सके और उनसे मिलने उनके गांव पहुंच गए।

इस दौरान उन्होंने उमेश मिश्रा से वर्ष 1985 से 2026 तक के 41 वर्षों के जीवन के बारे में विस्तार से बातचीत की। उन्होंने इस दौरान कहां रहे, क्या काम किया और किन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत किया, इसकी भी जानकारी ली।
मुलाकात के दौरान उमेश मिश्रा के दोनों भाइयों दिनेश मिश्रा और वीरेंद्र मिश्रा सहित ग्रामीणों ने निवर्तमान बीडीओ से आवासीय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता सूची में नाम जोड़ने समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाने में सहयोग की मांग की। साथ ही सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का भी आग्रह किया।
इस पर डॉ. आनंद कुमार विभूति ने कहा कि अब वे कांटी प्रखंड के बीडीओ नहीं हैं, इसलिए सीधे प्रशासनिक कार्रवाई नहीं कर सकते। उन्होंने ग्रामीणों को वर्तमान बीडीओ किशन चंद्रायण से संपर्क कर आवश्यक आवेदन देने की सलाह दी और भरोसा दिलाया कि नियमों के अनुसार उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।
इस अवसर पर डॉ. नीरज कुमार, अनिल झा, अरुण मिश्रा, भुन्नी मिश्रा, शैलेश झा, राजा मिश्रा, दिलीप महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। उमेश मिश्रा की 41 वर्षों बाद घर वापसी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, वहीं अब उनके पहचान संबंधी दस्तावेज और सरकारी सुविधाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर परिजनों की चिंता भी सामने आई है।












