-जमीन संबंधी मांगों को लेकर भाकपा-माले व खेत मजदूर किसान सभा का प्रदर्शन
मुजफ्फरपुर। आम जनता के जमीन संबंधी विभिन्न ज्वलंत सवालों को लेकर सोमवार को भाकपा (माले) और अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा के संयुक्त बैनर तले जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष जनप्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन की शुरुआत खुदीराम बोस स्मारक स्थल से जुलूस के रूप में हुई, जो जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर धरना में तब्दील हो गया।
धरनास्थल पर आयोजित सभा की अध्यक्षता पार्टी के जिला कमेटी सदस्य अनुकूल कुमार ने की। सभा को भाकपा (माले) के प्रांतीय सचिव नंद किशोर सिंह, एआईकेएमकेएस के राज्य सचिव अशोक बैठा, पार्टी के जिला सचिव उदय चौधरी, परमानंद पाठक, बिंदेश्वर मांझी, संतु जी, किसान सभा के वरिष्ठ नेता राम नंदन राम और किसान नेता लखींद्र राम सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया।

वक्ताओं ने कहा कि भूमिहीनों, खेतिहर मजदूरों और गरीब परिवारों से जुड़ी जमीन की मांगों को सरकार और प्रशासन तत्काल पूरा करे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा करती है, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाता है। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी गई।
इसके बाद जिला सचिव उदय चौधरी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिलने पहुंचा। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम को स्मार पत्र सौंपा।
स्मार पत्र में बंदोबस्ती पर्चाधारियों को दखल-दहानी कराने, बसे हुए भूमिहीन परिवारों को वासगीत पर्चा देने, सभी भूमिहीन-गरीब परिवारों को वासगीत के लिए पांच डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने तथा बिना वैकल्पिक व्यवस्था के गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाने पर रोक लगाने की मांग की गई।
इसके अलावा दलित, महादलित, अत्यंत पिछड़ी और पिछड़ी जातियों के टोले-गांवों को मुख्य सड़क से जोड़ने, पारू प्रखंड के चतुरपट्टी, भोजपट्टी, चैनपुर चिउंटाहा, हरपुर कपरफोरा और विशुनपुर सरैया समेत कई गांवों की करीब 700 एकड़ उपजाऊ जमीन के जबरन अधिग्रहण पर रोक लगाने की मांग की गई। भूमि सर्वेक्षण में भूमिहीन-गरीब परिवारों के नाम नए खतियान में दर्ज करने तथा डी. बंद्योपाध्याय आयोग की भूमि सुधार संबंधी सिफारिशों को सार्वजनिक कर लागू करने की भी मांग उठाई गई।












