-चुनावी प्रचार में शामिल होना पड़ा महंगा — पूर्वी चंपारण में हेडमास्टर सस्पेंड, वायरल वीडियो से खुला राज
पटना/पूर्वी चंपारण।संवाददाता।
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच जहां पूरा प्रशासन निष्पक्ष मतदान की तैयारी में जुटा है, वहीं एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक पर राजनीतिक दल के समर्थन में प्रचार करने का आरोप लगने से हड़कंप मच गया। मामला हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र का है, जहां राजकीय मध्य विद्यालय कोबया के प्रधानाध्यापक बीरेंद्र महतो को जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) राजन कुमार गिरी ने निलंबित कर दिया है।
आरोप है कि बीरेंद्र महतो ने सरकारी निर्देशों की अवहेलना करते हुए एक प्रत्याशी के समर्थन में चुनावी प्रचार में हिस्सा लिया। चुनाव आयोग ने पहले ही सभी सरकारी कर्मियों को सख्त हिदायत दी थी कि वे किसी भी राजनीतिक गतिविधि या सभा से दूरी बनाए रखें। लेकिन बावजूद इसके, हेडमास्टर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसमें वे चुनावी कार्यक्रम में मौजूद और नारेबाज़ी करते दिखाई दे रहे हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीईओ राजन कुमार गिरी ने हरसिद्धि बीडीओ को जांच का जिम्मा सौंपा और जांच रिपोर्ट के आधार पर तुरंत निलंबन की कार्रवाई कर दी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह मामला आचार संहिता उल्लंघन का है और आगे इस पर विस्तृत जांच भी होगी।
यह घटना शिक्षा विभाग के लिए भी एक सख्त संदेश मानी जा रही है — चुनावी माहौल में सरकारी कर्मियों को निष्पक्षता बनाए रखनी होगी, वरना कार्रवाई तय है।
-चुनावी प्रचार में गए हेडमास्टर — निलंबन की गाज गिरी
-पूर्वी चंपारण में आचार संहिता उल्लंघन — स्कूल प्रधानाध्यापक सस्पेंड
-सरकारी ड्यूटी छोड़ राजनीति में शामिल हुए शिक्षक, वायरल वीडियो से खुली पोल
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