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एक्सक्लूसिव: बन्दरा में कचरा प्रबंधन कार्ययोजना की रफ्तार धीमी,20% परिवारों ने किया डस्टबिन लेने से इंकार

-बन्दरा में कचरा प्रबंधन कार्ययोजना की रफ्तार धीमी,20% परिवारों ने किया डस्टबिन लेने से इंकार

मुजफ्फरपुर। दीपक कुमार तिवारी।

सरकार की अतिमहत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल कचरा प्रबंधन अभियान में जिले के बन्दरा प्रखंड के करीब 40 से 50प्रतिशत परिवार दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। लिहाजा कार्य अभियान को सफल बनाने में विभिन्न स्तरों पर तकनीकी बाधा उत्पन्न हो रही है। प्रखंड के आधिकारिक सूत्रों का बचाना है कि प्रखंड के कुल 12 में से 9 पंचायतों में स्वच्छ एवं तरल कचरा प्रबंधन अभियान कार्य अभियान की शुरुआत कराई गई है। तेपरी,नूनफारा, बड़गांव पंचायत में कार्य की स्वीकृति चालू वित्तीय वर्ष में नहीं मिल सकी है। वहीं प्रखंड के बाकी 9 पंचायतों में यह कार्यक्रम शुरू है।जिसमें पीरापुर, सिमरा एवं बंदरा पंचायत में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है। जहां कंस्ट्रक्शन का काम बाकी या अधूरा है, वहां 15 मार्च तक इसे पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ग्रामीण सूत्रों का बताना है कि भले हीं कार्य योजना के नाम पर राशि धड़ल्ले से खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन प्रखंड के प्रायः पंचायतों में 100प्रतिशत काम अब तक नहीं हो सके हैं। कचरा का उठाव हो रहा है तथा कर्मियों के वेतन का भुगतान भी शुरू है, लेकिन कचरा प्रबंधन का काम अब तक शुरू नहीं हो सका है।जिससे कार्य योजना की जमीनी सार्थकता अबतक लोगों को समझ में नहीं आ रही है।


बन्दरा में प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि 20प्रतिशत लोग मासिक शुल्क(30 रुपया) नहीं देना चाहते हैं। जिसके कारण से डस्टबिन नहीं ले रहे हैं।जो लिए भी हैं उनमें कई रोजाना कचरा नहीं जमा कर रहे हैं। वहीं कुछ परिवारों में जागरूकता की कमी है तो कुछ दूसरों की देखादेखी व्यवहार कर रहे हैं। वही इस संबंध में प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष गुड्डू कुमार का बताना है कि प्रखंड के औसतन 40 से 50 प्रतिशत लोग डस्टबिन नहीं लेना चाहते हैं। उनके पीरापुर पंचायत सहित प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में कुछ लोगों का बताना है कि नलजल योजना से पेयजल उन्हें अब तक सुचारू रूप से नहीं मिल पा रहा है। कई टोलों-बसावटों में दर्जनों परिवारों को अबतक वाटर कनेक्शन भी नहीं मिला है।ऐसे परिवारों द्वारा भी बहिष्कार किया जा रहा है।ऐसे परिवारों का कहना है कि जबतक नल जल योजना का पानी नहीं मिलेगा, तब तक वे लोग डस्टबिन नहीं लेंगे।वहीं कई मुखियों का बताना है कि उनके यहां कई वार्ड सदस्यों का सहयोग नहीं मिल रहा है। कई जगहों पर वार्ड सदस्यों द्वारा लोगों को गुमराह भी किया जा रहा है। जिससे नलजल कनेक्शन का 30 रुपया एवं कचरा प्रबंधन का 30 रुपया महीना देने में आनाकानी कर रहे हैं। जबकि इस मामले में बीडीओ प्रशान्त कुमार का बताना है कि जहां नल जल योजना में पानी नहीं मिल पा रहा है। जहां वाटर कनेक्शन अब तक नहीं कराए गए हैं। इस मामले में संबंधित वार्ड प्रबंधन कमेटी को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही की स्थिति में अग्रेत्तर कार्रवाई भी की जा रही है।
आपको बता दें कि कचरा प्रबंधन कार्य योजना के लिए 7लाख 50 हज़ार का मॉडल स्टीमीट निर्धारित है। प्रत्येक पंचायतों में 7लाख से अधिक रुपये की प्राक्कलित राशि से कार्यारम्भ कराया गया है।