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आधी रात महंगाई का विस्फोट: कमर्शियल गैस सिलेंडर 2000 के पार, मिडिल ईस्ट तनाव का सीधा असर

-आधी रात महंगाई का विस्फोट: कमर्शियल गैस सिलेंडर 2000 के पार, मिडिल ईस्ट तनाव का सीधा असर

मुजफ्फरपुर/नई दिल्ली:
1 अप्रैल की आधी रात के साथ ही देश में महंगाई ने एक बार फिर बड़ा झटका दिया। जैसे ही नए महीने की शुरुआत हुई, वैसे ही एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया गया। खासकर 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में करीब 195 से 200 रुपये तक की बढ़ोतरी ने बाजार में हलचल मचा दी है।
राजधानी दिल्ली में अब कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़कर 2,078.50 रुपये तक पहुंच गई है, जो 2000 के आंकड़े को पार कर चुकी है। लगातार तीसरी बार हुई इस बढ़ोतरी ने होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि यह फैसला उनके लिए सीधे आर्थिक झटके जैसा है, जिसका असर अब आम ग्राहकों तक भी पहुंचेगा।
हालांकि सरकार ने फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देते हुए 14.2 किलो वाले रसोई गैस सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली में इसकी कीमत अब भी 913 रुपये पर स्थिर है। लेकिन जानकारों का मानना है कि कमर्शियल गैस महंगी होने का असर जल्द ही खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर दिख सकता है।


इस बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारणों को प्रमुख माना जा रहा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और जंग जैसे हालात ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला कर रख दिया है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच टकराव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50 फीसदी तक उछाल आया है, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयातक देशों पर पड़ रहा है।
हर महीने की पहली तारीख को कीमतों की समीक्षा करने वाली तेल कंपनियां अब लगातार दबाव में नजर आ रही हैं, जिसके चलते दाम बढ़ाने के फैसले लिए जा रहे हैं।
फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर हैं, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो महंगाई का यह नया दौर आने वाले दिनों में आम आदमी की जेब पर और बोझ डाल सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह महंगाई का तूफान जल्द थमेगा, या फिर लोगों को आने वाले समय में और कड़े आर्थिक इम्तिहान के लिए तैयार रहना होगा?