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₹2.75 करोड़ गबन मामले में ईओ रणधीर लाल की तलाश तेज, गिरफ्तारी के लिए फारबिसगंज में पुलिस की छापेमारी

-₹2.75 करोड़ गबन मामले में ईओ रणधीर लाल की तलाश तेज, गिरफ्तारी के लिए फारबिसगंज में पुलिस की छापेमारी

मुजफ्फरपुर। साहेबगंज नगर परिषद में अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान कथित वित्तीय अनियमितता और सरकारी राशि के गबन के आरोपों का सामना कर रहे फारबिसगंज नगर परिषद के वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) रणधीर लाल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। 2 करोड़ 75 लाख 68 हजार 731 रुपये के कथित गबन मामले में उनकी गिरफ्तारी के लिए मुजफ्फरपुर के साहेबगंज थाना की पुलिस ने फारबिसगंज में छापेमारी की। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह कथित रूप से वहां से फरार हो गए।
साहेबगंज थाना के दारोगा कुणाल कुमार के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम स्थानीय थाना पुलिस के सहयोग से फारबिसगंज पहुंची। टीम ने सबसे पहले रणधीर लाल के सरकारी आवास पर दबिश दी, लेकिन वहां ताला लटका मिला। इसके बाद शनिवार दोपहर नगर परिषद कार्यालय में उनके कक्ष की तलाशी ली गई। पुलिस ने प्रभारी प्रधान सहायक कामाख्या नारायण उर्फ कुंदन सिंह सहित अन्य कर्मचारियों से पूछताछ भी की, लेकिन ईओ का कोई सुराग नहीं मिला।


मामला साहेबगंज नगर परिषद में रणधीर लाल के कार्यकाल का बताया जा रहा है। वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी मोहम्मद फिरोज ने 24 अप्रैल को इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि रणधीर लाल ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना 300 स्ट्रीट लाइट, एक रिफ्यूज कॉम्पेक्टर, हाई मास्ट लाइटिंग टावर और 50 सीसीटीवी कैमरों की खरीद की।
प्राथमिकी के अनुसार, निविदा नियमों की अनदेखी करते हुए कटिहार की एक निजी एजेंसी से खरीदारी की गई और 503 स्ट्रीट लाइट का जमीन पर इंस्टॉलेशन कराए बिना ही पूरा भुगतान कर दिया गया। आरोप है कि पूरी प्रक्रिया महज चार दिनों के भीतर पूरी कर एजेंसी के खाते में 2,75,68,731 रुपये की राशि हस्तांतरित कर दी गई।
ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि यह छापेमारी न्यायालय से वारंट जारी होने से पहले की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यदि रणधीर लाल शीघ्र न्यायालय में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो पुलिस उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट, इश्तेहार और कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के लिए न्यायालय से अनुरोध करेगी।
फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।