-हर महीने उद्योग मंत्री और सचिव उद्यमियों के साथ करेंगे बैठक, 30 दिनों में मिलेगा उद्योगों को एनओसी : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
-बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के 82वें वार्षिक समारोह का शुभारंभ
-50 करोड़ तक के सरकारी टेंडर में बिहार के उद्यमियों को मिलेगी प्राथमिकता
पटना(दीपक कुमार तिवारी)। बिहार में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी पहल की घोषणा की है। अब हर महीने उद्योग मंत्री और उद्योग विभाग के सचिव बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सहित अन्य औद्योगिक संगठनों के साथ बैठक करेंगे। इसमें उद्यमियों की समस्याओं, औद्योगिक नीतियों में बदलाव और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही जिलों में होने वाली उद्यमियों की मासिक बैठक में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
गुरुवार को बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) के 82वें वार्षिक समारोह का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार उद्योगों की स्थापना और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने को प्रतिबद्ध है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत उद्योगों को 30 दिनों के अंदर एनओसी देने की व्यवस्था की गई है। निर्धारित समय सीमा में निर्णय नहीं होने पर डीम्ड डिक्लेरेशन का प्रावधान भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के उद्यमियों को 50 करोड़ रुपये तक के सरकारी टेंडर में प्राथमिकता दी जाएगी। बिहार क्रय वरीयता नीति के तहत राज्य में उत्पादित गुणवत्तापूर्ण वस्तुओं की 25 से 40 प्रतिशत खरीद राज्य सरकार करेगी। इससे स्थानीय उद्योगों को बाजार मिलेगा और बिहार में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में एक हजार से अधिक बड़ी औद्योगिक इकाइयों को धरातल पर उतारने की दिशा में काम किया गया है। निवेश को बढ़ावा देने के लिए सेमीकंडक्टर, जीसीसी, आईटी और एआई पॉलिसी बनाई गई है। फार्मास्यूटिकल पॉलिसी भी तैयार हो चुकी है। गया जी में इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 12 नए सैटेलाइट टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। वर्ष 2030 तक बिहार में 30 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सोलर, पंप स्टोरेज, थर्मल और बैटरी स्टोरेज प्लांट लगाने की दिशा में काम हो रहा है।
उन्होंने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए जमीन, बिजली, पानी और सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और जमीन का बेहतर उपयोग कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इससे जिलों की जीडीपी बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जगजीवन सिंह को एसआर रूंगटा मेमोरियल अवार्ड, गौरव साह को बीपी गुप्ता मेमोरियल अवार्ड और अरुण अग्रवाल को डीपी साबू मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया।
कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल खेतान, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, बीआईए के महासचिव मनीष कुमार, उपाध्यक्ष वासुदेव प्रसाद एवं देव प्रकाश सिंह सहित उद्योग जगत से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।












