-भाथादासी मध्य विद्यालय में बच्चों ने प्रस्तुत की छठ महापर्व की आकर्षक झांकी, संस्कृति और नैतिकता का दिया संदेश
राजापाकर-संजय श्रीवास्तव। राजापाकर प्रखंड क्षेत्र के राजापाकर उत्तरी पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय भाथादासी दक्षिणी के परिसर में बिहार के लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर बच्चों ने अनोखी और आकर्षक झांकी प्रस्तुत की। शिक्षक अनिल कुमार के मार्गदर्शन और प्रधानाध्यापक के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने छठ पूजा की परंपरा, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक महत्व को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।
इस अवसर पर शिक्षक अनिल कुमार ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं का ज्ञान देना भी बेहद जरूरी है। आज शिक्षा का स्वरूप बदल रहा है। डॉक्टर और इंजीनियर तो तैयार हो रहे हैं, लेकिन एक अच्छा इंसान बनाने वाली नैतिक शिक्षा पर भी ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों को शिक्षा के साथ मानवता, नैतिकता, एकता और जिम्मेदार नागरिक बनने की सीख दी जाती है।

उन्होंने कहा कि छठ महापर्व केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि पवित्रता, अनुशासन, सहयोग और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। इस पर्व में जाति-पाति, ऊंच-नीच और धर्म के भेदभाव को भुलाकर सभी लोग एक साथ प्रकृति और सूर्य देव की आराधना करते हैं।
विद्यालय परिसर में बच्चों की ओर से प्रस्तुत झांकी के दौरान आपसी सहयोग और सामूहिक भागीदारी देखने को मिली। इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में सहयोग की भावना, आत्मानुशासन, रचनात्मकता और सामाजिक व्यवहार का विकास होता है।
कार्यक्रम में छठ महापर्व के पौराणिक और धार्मिक महत्व को भी दर्शाया गया। छठ पर्व में भगवान सूर्य और छठी मैया की उपासना की जाती है। इस आयोजन के माध्यम से बच्चों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया।












