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स्पॉट: अत्यधिक हवादार बारिश ने किसानों को कहीं का न छोड़ा,खेतों में सरपट बिछी धान की तैयार फसलें

-अत्यधिक हवादार बारिश ने किसानों को कहीं का न छोड़ा,खेतों में सरपट बिछी धान की तैयार फसलें

दीपक कुमार तिवारी।मुुुजफ्फरपुर।

लगातार धूप-गर्मी के बीच पिछले दिनों जहां किसान फसलों में सिंचाई को लेकर बारिश के लिए लालायित थे,वहीं लगातार अत्यधिक बारिश ने किसानों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।जिले में अत्यधिक बारिश भी बन्दरा एवं मुरौल प्रखण्ड क्षेत्र में हीं दर्ज की गई है। हवाओं के बीच लगातार हुए बारिश की वजह से क्षेत्र में किसानों के खेतों में खरी फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा आगात धान की तैयार फसलों को नुकसान हुआ है। प्रखंड के मुन्नी-बैंगरी एवं हत्था पंचायत अगात फसलों के उत्पादन के लिए क्षेत्र में जाना जाता है। यहां भी ज्यादातर धान के फसलों को नुकसान हुआ है,वहीं प्रखंड के नूनफारा, बड़गांव,बन्दरा, तेपरी,पटसारा, मतलुपुर,रतवारा, पिरापुर, सिमरा आदि पंचायतों में भी तैयार एवं खड़ी फसलों को ज्यादातर नुकसान हुआ है। पड़ोसी गायघाट, मुरौल एवं समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर एवं दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड एवं आसपास के हिस्सों में भी फसलों के नुकसान होने की खबर मिली है।नूनफारा पंचायत के मोहनपुर में लालदेव राय, रमेश राय, विश्वनाथ राय, बहादुर राय, शिवनाथ राय,बबलू यादव आदि किसानों ने बताया कि उन लोगों ने दर्जनों एकड़ खेतों में धान की फसल लगा रखे थे। 15 से 20 दिनों में उनका धान कटने वाला था और एन वक्त पर लगातार हवादार बारिश की वजह से धान से सभी फसलें बर्बाद हो गयी हैं। बालियों सहित पौधे खेत में टूटकर या गिरकर खेत मे बिछ गई है।जल जमाव हो गया है।फसलें टूंटी,उखड़ी,बिखड़ी या गिरी पड़ी है। जिससे अब दाना निकलना भी लगभग मुश्किल है। ऐसे में धान अब गल जाएगी।

किसानों का बताना है कि समझिए की थाली थाली में परोसा हुआ निवाला लुट गया है। किसान अब कहीं के नहीं है। उनकी किस्मत दगा दे गयी हैं। फैसले तैयार होकर लूट ली गई है। इससे बड़ा संकट उनके जीवन में और क्या हो सकता है? चांदपुरा में प्रगतिशील किसान सतीश कुमार द्विवेदी, सकरी में पैक्सध्यक्ष मनोज ठाकुर ,हत्था पैक्सध्यक्ष नन्दकिशोर द्विवेदी आदि ने बताया कि लगातार बारिश की वजह से सबसे ज्यादा धान की फसलों को नुकसान हुआ है।किसान सिर पिट रहे हैं। यही यदि बारिश सामान्य होती और कुछ दिन पहले से रुक रुक कर होती तो यह संजीवनी का काम करता, लेकिन अत्यधिक बारिश ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। लगातार बारिश की वजह से क्षेत्र में तैयार एवं खड़ी फसलों को भी नुकसान हुआ है। जिन जिन फसल को अभी सामान्य बारिश की जरूरत थी,अत्यधिक बारिश की वजह से उन फसलों को सीधे तौर पर नुकसान हुआ है।