-सावन की अंतिम सोमवारी पर शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, गंगाजल से हुआ जलाभिषेक
राजापाकर/संजय श्रीवास्तव। सावन की अंतिम सोमवारी के अवसर पर राजापाकर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग पर फूल, बेलपत्र चढ़ाकर पूजा-अर्चना की और जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर विभिन्न मंदिरों को रंग-बिरंगे छोटे-छोटे बल्बों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
राजापाकर बाजार स्थित प्राचीन नर्मदेश्वर नाथ मंदिर में भी दर्जनों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। रविवार की रात राजापाकर बाजार से दर्जनों महिला-पुरुष श्रद्धालु ‘बोल बम’ के जयघोष के साथ पहलेजा घाट के लिए रवाना हुए। वहां से कलश में गंगाजल भरकर श्रद्धालु गाजे-बाजे और बैंड के साथ विभिन्न चौक-चौराहों से होते हुए सोमवार की सुबह नर्मदेश्वर नाथ मंदिर पहुंचे।

कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्तिमय गीतों के साथ भगवान भोलेनाथ का जयघोष करते रहे। मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर फूल एवं बेलपत्र अर्पित कर गंगाजल से जलाभिषेक किया। कलश यात्रा को देखने के लिए बाजार के दोनों ओर स्थित घरों की छतों पर महिला, पुरुष और बच्चों की भीड़ जुटी रही। भक्तिमय गीतों और ‘बोल बम’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया।
नर्मदेश्वर नाथ मंदिर को रंग-बिरंगे बल्बों से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, राजापाकर बाजार स्थित नर्मदेश्वर नाथ मंदिर में प्रत्येक वर्ष सावन की अंतिम सोमवारी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहलेजा घाट से गंगाजल लाकर जलाभिषेक करते हैं। बताया जाता है कि यह मंदिर करीब 100 वर्ष पुराना है और लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।












