-शेरधाटी में मुख्य पार्षद बनी गीता देवी,शेरधाटी की जनता की जित है -गीता देवी
गया।संवाददाता।
मगध में शेरघाटी नगर परिषद की चुनावी जंग सबसे दिलचस्प रही, यहां गीता देवी ने मुख्य पार्षद के लिए हुए चुनाव में अपने प्रतिद्वंदी को 3462 अंतर के भारी अंतर से हरा कर जीत दर्ज की। इस चुनाव में कई दिग्गज चुनावी मैदान में थे। एक ओर जहां जदयू नेता विनय प्रसाद की मां पूर्व मुख्य पार्षद लीलावती देवी की जमानत जब्त हुई है।वहीं पिछले उप मुख्य पार्षद और जिले के बीजेपी नेता चिंटू सिंह की माता द्रौपती देवी को हार का मुंह देखना पड़ा है।

दूसरे नंबर पर आशा सिंह रहीं जिन्हें 3512 वोट मिले। मुख्य पार्षद के लिए शेरघाटी की जनता ने कुल 22133 वोट डाले थे जिसमें से विजेता रहीं गीता देवी को 6974 वोट मिले, उन्होंने शुरुआती राउंड से ही सभी पर बढ़त बनाते हुए जीत दर्ज की। चुनावी मैदान में जदयू के पूर्व वरिष्ठ नेता और वर्तमान में एआईएमआईएम नेता मसरूर आलम की पत्नी भी मैदान में थीं मगर वो भी 1861 वोट के साथ काफी पीछे रहीं। कुल 12 उम्मीदवार मैदान में थे। गीता देवी के चुनाव की कमान उनके पुत्र पवन किशोर ने संभाल रखी थी, युवा और पढ़े लिखे पवन की छवि पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, बहुत ही कम वक्त में उन्होंने पूरे शेरघाटी नगर परिषद में धुआंधार प्रचार और युवा शक्ति के साथ चुनावी जंग को रोचक बना दिया और सारे दिग्गज को पटखनी दी। गीता देवी को हर वर्ग का साथ मिला यहां तक की प्रतिद्वंदी के गढ़ में भी वो वोट लेने में सफल रहीं।सोशल मीडिया पर भी उनका प्रचार शानदार रहा, देख रहे हो न विनोद वाला वीडियो शेरघाटी में काफी लोकप्रिय रहा जो वहां फैली गंदगी और सिस्टम पर सवाल उठाए। गीता देवी ने कहा कि जैसे उनका मोटर साइकिल निशान सबसे आगे रहा वैसे ही शेरघाटी का विकास भी रफ्तार पकड़ेगा।












