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शिक्षिका के सेवानिवृत्त होने पर विदाई सह सम्मान समारोह आयोजित

-शिक्षिका के सेवानिवृत्त होने पर विदाई सह सम्मान समारोह आयोजित

(मुंगेर, 15 मार्च 2024)।संवाददाता।

शहर के पुरानीगंज स्थित वरिष्ठ माध्यमिक सरस्वती विद्या मंदिर, मुंगेर में कार्यरत आचार्या शशिबाला सिन्हा के सेवानिवृत्ति के उपरांत विद्यालय परिसर में विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष अमरनाथ केशरी, प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह, उपप्रधानाचार्य उज्ज्वल किशोर सिन्हा, बालिका खंड की प्रधानाचार्या कीर्ति रश्मि, प्राथमिक खंड के प्रभारी अविनाश कुमार, आचार्या शशिबाला सिन्हा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष अमरनाथ केशरी ने सेवानिवृत्त आचार्या के विद्यालय में शिक्षा के प्रति ईमानदारीपूर्वक किए कार्य, मधुर स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठा की चर्चा करते हुए कहा कि इनका शिक्षकों और छात्रों से हमेशा मधुर संबंध बना रहा। उन्होंने इनके दीर्घायु और स्वस्थ्य जीवन की कामना की।
तत्पश्चात विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष अमरनाथ केशरी, प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह, उप प्रधानाचार्य उज्ज्वल किशोर सिन्हा, बालिका खंड की प्रधानाचार्या कीर्ति रश्मि आदि द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षिका को माला पहना कर पुष्प गुच्छ एवम् अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।।
विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य मुकेश कुमार सिन्हा द्वारा लिखित विदाई प्रशंसा पत्र का वाचन बालिका खंड की प्रधानाचार्या कीर्ति रश्मि ने किया तथा कहा कि कुशल नेतृत्व, कर्तव्य के प्रति निष्ठा, हंसमुख व्यवहार, छात्र-छात्राओं के प्रति समर्पण, अनुशासित सेवा आदि जैसे इनके गुणों को विद्यालय परिवार हमेशा याद करके इनसे प्रेरणा लेता रहेगा।
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह ने कहा कि इनका संपूर्ण जीवन हम सबों के लिए अनुकरणीय है। विद्यालय परिवार इनके कार्यों को सदैव याद रखेगा। इनकी कुशल कार्यक्षमता व उत्कृष्ट योगदान हमारे लिए प्रेरणास्त्रोत है। ये विद्यालय से सेवानिवृत्त जरूर हुई हैं, पर सेवा के दायित्वों से नहीं। इनके मार्गदर्शन की हमें हमेशा अपेक्षा रहेगी।


मंच संचालन करते हुए विद्यालय की वरिष्ठ आचार्या संगीता सहाय ने कहा कि आचार्या शशिबाला सिन्हा ने वर्ष 1995 में इस विद्यालय में अपना योगदान दिया और सभी शिक्षक- शिक्षिकाओं एवम् छात्र-छात्राओं के साथ मधुर स्वभाव के साथ समन्वय स्थापित कर विद्यालय के सफलतापूर्वक संचालन में मदद किया। वहीं स्वागत सह एकल गीत आचार्या सुवर्णा घोष द्वारा प्रस्तुत किया गया।
सेवानिवृत्त शिक्षिका शशिबाला सिन्हा ने कहा कि सही मायने में एक शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। विद्यालय में भले ही सेवाकाल पूरा हो जाए, मगर एक अध्यापक आजीवन अपने चारों ओर ज्ञान का प्रकाश फैलाया करते हैं। उन्होंने विद्यालय परिसर में बिताए हुए पलों को याद किया।
इस मौके पर विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के पदाधिकारियों सहित विद्यालय परिवार के सभी सदस्य उपस्थित थे।