-शिक्षा की आत्मा आत्मा की शिक्षा है- डॉ किशनवीर सिंह शाक्य
भागलपुर से शशि भूषण मिश्र की रिपोर्ट ।
भारती शिक्षा समिति एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति बिहार के तत्वावधान में आयोजित गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल में चल रहे नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे दिन का प्रारंभ विद्या भारती अखिल भारतीय मंत्री किशनवीर सिंह शाक्य, संगठन मंत्री ख्यालीराम, क्षेत्रीय सचिव नकुल कुमार शर्मा ,प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा, वर्ग के प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह, पूर्व पूर्णकालिक मिथिलेश कुमार सिंह एवं सीबीएसई रिसोर्स पर्सन डॉ पूजा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

किशनवीर सिंह शाक्य ने कहा कि हर एक व्यक्ति को अपने-अपने विषय का मास्टर होना चाहिए। प्रत्येक शिक्षक एक लर्नर है। हम कितना भी सिखाते हैं तो लगता है और अभी सीखना है। सीखने की क्रिया अंतिम स्वांस तक चलती रहती है। शिक्षक एक मोटीवेटर, मैनेजर, मेंटर है। हम शिक्षक बने हैं यह सौभाग्य की बात है क्योंकि हमें राष्ट्र निर्माता बनना है। राष्ट्र निर्माता बनने के लिए अपने दायित्व को समझना है। समाज को जब-जब आवश्यकता पड़ी है तब तक शिक्षक ने इवोल्यूशन किया है। शिक्षक ज्ञान को क्रिएट करता है । छात्रों की अंतर्निहित शक्तियों का प्रीटीकरण ही शिक्षा है। शिक्षा की आत्मा, आत्मा की शिक्षा है। शिक्षक का काम है छात्रों के अंदर की चेतन को जागृत करना ।
संगठन मंत्री ख्यालीराम ने शारीरिक एवं खेलकूद प्रशिक्षणार्थी को कहा कि शारीरिक एवं खेलकूद अभ्यास से ठीक होता है। बिना अभ्यास के शास्त्रहीन विष के समान होता है। अभ्यास निरंतर चाहिए। विद्यालय में प्रधानाचार्य के बाद शारीरिक आचार्य का वजन भैया बहनों के बीच रहता है। जिस प्रकार समाज के बीच शासन प्रशासन अर्थात पुलिस का महत्व रहता है उसी प्रकार का कार्य विद्यालय में शारीरिक आचार्य का होता है।
सीबीएसई रिसोर्स पर्सन डॉ पूजा ने कहा कि एन सी एफ 2023 स्कूली शिक्षा एक फ्रेमवर्क है जो देश में स्कूली शिक्षा के लिए एक दिशा निर्देश के रूप में कार्यकर्ता है। इसका उद्देश्य भैया बहनों में सोच, रचनात्मकता, और समस्या को सुलझाने के कौशल को विकसित करना है। यह छात्रों के शारीरिक, भावात्मक, सामाजिक और मानसिक संपन्नता के विकास पर ध्यान केंद्रित करता है।
शारीरिक एवं खेलकूद प्रशिक्षणार्थी का मार्गदर्शन करते हुए छपरा साई की कुश्ती के कोच उदय कुमार तिवारी ने कुश्ती की तकनीक ,निर्णय, ऑफिसेटिंग एवं खेल के तरीकों को प्रशिक्षणार्थी को बताया। वे स्वयं इंटरनेशनल खिलाड़ी कुश्ती के रह चुके हैं और अपने देश के लिए मेडल भी प्राप्त कर चुके हैं।
अतिथी परिचय एवं संचालन वर्ग के प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह द्वारा किया गया।
इस अवसर पर पूर्णकालिक रमेश मणि पाठक,उमाशंकर पोद्दार, राकेश नारायण अम्बष्ट,ब्रह्मदेव प्रसाद,विनोद कुमार, वीरेंद्र कुमार राजेश कुमार परमेश्वर कुमार प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक ,शशि भूषण मिश्र, आलोक कुमार, सुजीत कुमार गुप्ता, फणीश्वर नाथ, राकेश पाण्डेय एवं प्रतिभागी प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।












