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विश्व जनसंख्या दिवस पर राजापाकर सीएचसी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, परिवार नियोजन अपनाने का दिया गया संदेश

-विश्व जनसंख्या दिवस पर राजापाकर सीएचसी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, परिवार नियोजन अपनाने का दिया गया संदेश

राजापाकर | संजय श्रीवास्तव
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) राजापाकर परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक, एएनएम, आशा एवं ममता कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान बढ़ती जनसंख्या, परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एस.पी. उपाध्याय ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बढ़ती जनसंख्या के प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा परिवार नियोजन, लैंगिक समानता, शिक्षा और शिशु स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि का सीधा असर भोजन, पानी, आवास, रोजगार, शिक्षा और पर्यावरण पर पड़ता है। इसके कारण बेरोजगारी, गरीबी, प्राकृतिक संसाधनों की कमी, प्रदूषण और स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने लोगों से परिवार नियोजन के साधनों का उपयोग करने, महिलाओं की शिक्षा एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने, विवाह की उचित आयु का पालन करने तथा बाल विवाह पर रोक लगाने की अपील की। उन्होंने “छोटा परिवार, सुखी परिवार” की अवधारणा को अपनाने पर भी जोर दिया।


वहीं डॉ. रमेश चंद्रा ने कहा कि संतुलित जनसंख्या ही स्वस्थ, समृद्ध और विकसित समाज की आधारशिला है। यदि शिक्षा, परिवार नियोजन और जनजागरूकता को बढ़ावा दिया जाए तो जनसंख्या वृद्धि से उत्पन्न कई समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह जनसंख्या नियंत्रण और सतत विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाए।
कार्यक्रम में डॉ. मनीषा, एएनएम शीला कुमारी, मधु कुमारी, गीता रानी, गुजा कुमारी, गुंजन कुमारी सहित सभी आशा एवं ममता कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान आम लोगों को परिवार नियोजन के उपायों, गर्भनिरोधक साधनों की सही जानकारी तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।