-विकास योजनाओं की सौगात, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर को समर्पित किया सिकंदरपुर लेक फ्रंट
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे, जहां करीब पौने दो घंटे के अपने व्यस्त दौरे के दौरान उन्होंने जिले को 1260 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने नगर विकास एवं आवास विभाग, बुडको और मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की 982 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन योजनाओं से शहर की आधारभूत संरचना को आधुनिक बनाने और नागरिक सुविधाओं का व्यापक विस्तार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जिन 982 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया, उनकी कुल लागत 1047.09 करोड़ रुपये है। इन योजनाओं के तहत शहर में नई सड़कों का निर्माण, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, पार्कों का विकास, घाटों का सौंदर्यीकरण, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण 213.25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सिकंदरपुर लेक फ्रंट परियोजना रही। मुख्यमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लोकार्पण कर इसे मुजफ्फरपुर की जनता को समर्पित किया। आधुनिक फव्वारों, आकर्षक लाइटिंग, कलाकृतियों और सुंदर डिजाइन से सजा यह लेक फ्रंट अब शहर की नई पहचान बनने की ओर अग्रसर है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ लोगों को बेहतर मनोरंजन और घूमने-फिरने का नया केंद्र भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर सुबह करीब 11:30 बजे पुलिस केंद्र स्थित अस्थायी हेलीपैड पर उतरा। वहां से वे सीधे सिकंदरपुर लेक फ्रंट पहुंचे और परियोजना का निरीक्षण किया। इसके बाद वे एमआईटी परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया।
एमआईटी परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से सभी विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार मुजफ्फरपुर समेत पूरे बिहार में आधुनिक आधारभूत संरचना के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर करीब 1:15 बजे मुख्यमंत्री पटना के लिए रवाना हो गए।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जिलाधिकारी कुमार गौरव के निर्देश पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। एमआईटी परिसर और सिकंदरपुर लेक क्षेत्र के पांच किलोमीटर के दायरे को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया था। इस दौरान ड्रोन, बैलून, पैरा मोटर, पैरा ग्लाइडर और हैंड ग्लाइडर जैसी किसी भी उड़ने वाली वस्तु के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के बीच मुख्यमंत्री का दौरा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।












