-लाल किले से पीएम मोदी के बड़े ऐलान: युवाओं को मुफ्त कोचिंग, एक करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों और युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के साथ-साथ देश की युवा शक्ति और भविष्य की तकनीकी जरूरतों पर विशेष जोर रहा।
प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे अपने घर से ऑनलाइन माध्यम के जरिए तैयारी कर सकेंगे।
इस पहल से खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण एवं छोटे शहरों के विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। महंगी कोचिंग फीस, किराया, रहने और आने-जाने के खर्च के कारण बड़े कोचिंग संस्थानों तक नहीं पहुंच पाने वाले छात्रों के लिए यह व्यवस्था समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकार अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देगी। तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के बीच युवाओं को आधुनिक कौशल से लैस करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

AI का इस्तेमाल आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बैंकिंग, उद्योग, कारोबार और प्रशासन समेत लगभग हर क्षेत्र में बढ़ने की संभावना है। ऐसे में युवाओं को AI और डिजिटल तकनीक का प्रशिक्षण मिलने से रोजगार, स्वरोजगार और नए कारोबारी अवसरों के रास्ते खुल सकते हैं।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में किसानों, युवाओं और महिलाओं की क्षमता पर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि इन्हीं वर्गों की शक्ति के दम पर भारत अपने बड़े सपनों को साकार कर सकता है। प्रधानमंत्री का संदेश साफ रहा कि युवा देश की विकास यात्रा में केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने वाले हुनरमंद नागरिक बनें।
प्रधानमंत्री ने सुधारों को लेकर भी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि सुधार उनके लिए महज राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास है। देश अब ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार होकर लगातार बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सुधार केवल सरकार के स्तर पर नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की सोच, लक्ष्य और कार्यशैली में भी होना चाहिए। बदलती दुनिया के साथ कदमताल करने के लिए नई सोच, नए कौशल और नए लक्ष्य जरूरी हैं।
लाल किले से किए गए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और AI प्रशिक्षण के ऐलान को शिक्षा, रोजगार और तकनीकी कौशल के क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। यदि इन योजनाओं को व्यापक और प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, तो छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को भी बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री का संदेश विरासत और भविष्य दोनों पर केंद्रित रहा। एक ओर देश स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों और अपनी राष्ट्रीय विरासत को संजो रहा है, वहीं दूसरी ओर AI, डिजिटल शिक्षा और आधुनिक कौशल के जरिए नई पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में युवा, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, AI और कौशल विकास को विशेष स्थान मिला। मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और एक करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग देने की घोषणा आने वाले समय में देश के युवा वर्ग के लिए रोजगार और अवसरों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है।












